कानपुर के मेजर को सेना के मेडल गैलेन्ट्री अवार्ड से जम्मू के ऊधमपुर नार्दन कमांड में सम्मानित किया गया है। ये अवार्ड उन्हें उनकी बहादुरी के लिए दिया गया है। ये रहा मेजर की बहादुरी का किस्सा...
सेना में बहादुरी का कारनामा दिखाने वाले कानपुर के परमट निवासी मेजर विवेक त्रिपाठी ने जिले का मान बढ़ाया है। सेना ने उन्हें गुरुवार को सेना मेडल गैलेन्ट्री अवार्ड से जम्मू के ऊधमपुर नार्दन कमांड में सम्मानित किया है।उन्हें यह सम्मान मणिपुर में आतंकी हमले को विफल करने के लिए मिला है। यह सम्मान वीरता के लिए दिया जाता है।
19 जुलाई 2015 को मणिपुर के घने जंगलों में आतंकियों से हुई सीधी मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया और काफी मात्रा में गोला बारूद पकड़ा था। पांच सितंबर 2015 को सेना पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। गोलियों की बौछार के बीच घुसकर मेजर विवेक ने जान की परवाह किये बगैर एक आतंकी को मार गिराया।
इससे कई आतंकी अपनी जान बचाकर भागे। उनकी टीम ने भाग रहे दो अन्य आतंकियों को मार गिराया था। दोनों ऑपरेशन में किसी भी जवान को कोई नुकसान नहीं हुआ था। मेजर के पिता अमरनाथ त्रिपाठी परिवार समेत परमट में रहते हैं।