नाव के संचालन पर पहले भी रोक लगाई गई थी
छात्र नाव से स्कूल जाने को मजबूर हैं। छात्रों के नाव से स्कूल जाने की जानकारी सामने आने पर प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है। डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के दौरान नाव के संचालन पर पहले भी रोक लगाई गई थी। अब चूंकि जलस्तर बढ़ गया है, ऐसे में नाव के संचालन से हादसा हो सकता है।
गंगा ने छू लिया खतरे का निशान
बुधवार को गंगा का जलस्तर 125.960 मीटर दर्ज किया गया। गंगा खतरे के निशान पर बह रही हैं। बाढ़ का पानी कासिमपुर, बक्शीपुरवा, अमीनाबाद, फिरोजपुर, डंगूरपुर समेत कई गांवों में घुस गया है। इन गांव के ज्यादातर मकान पानी में डूब गए हैं। ग्रामीण सड़क किनारे पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं।
जाना है स्कूल, चाहे सड़क डूबे या पुल
बाढ़ की वजह से पढ़ाई पर कोई असर न आए इसके लिए बच्चे नाव के सहारे स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिया पार कराने के लिए एक नाव की व्यवस्था कर रखी है। इससे छात्रों को बैठाकर दूसरी तरफ छोड़ा जा रहा है। स्कूल से वापस आने पर नाव दोबारा छात्रों को दूसरी ओर से गांव तक ला रही हैं।
यह है गंगा के जलस्तर की स्थित
- चेतावनी बिंदु -124.970 मीटर।
- खतरे का निशान -125.960 मीटर।
- हाई फ्लड लेबिल 126.240 मीटर।