बेहमई कांड के वादी राजाराम सिंह (80) का सोमवार को गांव के बाहर यमुना नदी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पांच सौ लोग शामिल हुए। गैर जनपदों से भी लोग आए थे। हालांकि राजनीतिक दलों से कोई नहीं पहुंचा।
क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मौजूद रहे। बेहमई कांड के वादी राजाराम सिंह लीवर की बीमारी से ग्रसित चल रहे थे। रविवार शाम उनकी घर में ही मौत हो गई थी। जानकारी पर सोमवार सुबह आसपास के गांवों के अलावा जालौन, औरैया जिलों से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे।
घर के बाहर भारी संख्या में महिलाएं एकत्र हुई थीं। गांव के बाहर यमुना नदी घाट पर बड़े बेटे बादाम सिंह उर्फ राजू सिंह ने मुखाग्नि दी। उनकी मौत के बाद गांव में मातम छा गया। उनकी पत्नी विमला देवी बिलखती रहीं। राजाराम की मौत के बाद अब उनके छोटे भाई सेवानिवृत्त फौजी शिवपाल सिंह न्याय की लड़ाई जारी रखेगें।