इटावा सफारी पार्क की लॉयन सफारी खुलने के बाद लैपर्ड सफारी भी पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। जल्द ही कानपुर चिड़ियाघर से पांच तेंदुआ लाए जाएंगे। इसकी लिखापढ़ी पूरी हो चुकी है। बाड़े की जाली भी ठीक करा ली गई है, थोड़ा काम बाकी है उसे भी जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
इटावा सफारी पार्क में बियर (भालू), डियर (हिरण), एंटीलोप (काला हिरण), लैपर्ड (तेंदुआ) और लॉयन (शेर) सफारी हैं। इनमें डियर व एंटीलोप सफारी अक्तूबर और बियर सफारी जनवरी में पर्यटकों के लिए खोली जा चुकी है। लॉयन और लैपर्ड सफारी न खुलने से पर्यटकों को निराशा होती है और बाहर के पर्यटक भी सफारी की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक संतोष कुमार गर्ग लॉयन सफारी अप्रैल के पहले सप्ताह में खोलने का एलान शुक्रवार को कर चुके हैं। इसके तुरंत बाद लैपर्ड सफारी खोलने की भी पूरी तैयारी कर ली गई है। लैपर्ड सफारी में अभी शिरशा, लकी, कार्तिक और रिचा चार तेंदुआ हैं। इनमें रिचा मादा और तीन नर हैं। लैपर्ड सफारी में पांच और तेंदुए कानपुर चिड़ियाघर से लाए जा रहे हैं।
इसकी लिखापढ़ी पूरी हो चुकी है। जल्द ही ये तेंदुआ कानपुर से इटावा लाए जाएंगे। वन्यजीवों में लैपर्ड सबसे खतरनाक जानवर माना जाता है। वह ऊंची से ऊंची चहारदीवारी चढ़कर पार कर जाता है। इन कारण से लैपर्ड के लिए चहारदीवारी अलग ढंग से बनाई गई है।
ये लोहे की जालीनुमा ये चहारदीवारी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी, उसे अब ठीक करा लिया गया है। तेंदुआ बंद करने वाले बाड़े के पास कुछ काम बाकी है। ये काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा। इसके पहले कानपुर से तेंदुआ आ जाएंगे। लैपर्ड सफारी मई या जून तक पर्यटकों के लिए खोलने की पूरी उम्मीद है।
कानपुर चिड़ियाघर से पांच तेंदुए लाने की कवायद पूरी हो गई है। उन्हें कुछ दिनों बाद इटावा सफारी लाया जाएगा। अभी हमारा ध्यान लॉयन सफारी खोलने पर है। हालांकि लैपर्ड सफारी खोलने की भी तैयारी पूरी है लेकिन लॉयन सफारी खोलने के बाद ही लैपर्ड सफारी खोलेंगे।
वीके सिंह, निदेशक इटावा सफारी