कानपुर। पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा का रविवार को अंतिम दिन रहा। सुबह परीक्षा देने तो शाम को लौटने वालों का रेला कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उमड़ पड़ा। सिटी साइड से परीक्षार्थियों की भीड़ आई तो जीआरपी और आरपीएफ ने उन्हें संभाला। रेलवे ने परीक्षार्थियों को भेजने के लिए छह स्पेशल ट्रेनें चलाईं। इसके बाद भी फुटकर परीक्षार्थियों के जाने का सिलसिला जारी रहा।
शहर के 53 केंद्रों पर शनिवार और रविवार को दो पालियों में यह परीक्षा हुई। अंतिम दिन रविवार सुबह सात बजे तक आसपास के जिलों से परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। दिल्ली, झांसी, लखनऊ, प्रयागराज जैसे रूटों से आई ट्रेनों के टायलेट तक में भीड़ दिखी। दरवाजों पर पैर रखने तक की जगह दिख थी। कोचों में परीक्षार्थी गैलरी से लेकर ऊपर की सीटों पर भी बैठे थे। परीक्षार्थियों की भीड़ को नियमित मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों के जिस कोच में जगह मिलती उसी में चढ़ गए। न एसी कोच देखा और न ही स्लीपर। जोधपुर-हावड़ा में भीड़ अधिक होने से दो जनरल कोच के दरवाजों को अंदर से लोगों ने बंद कर लिया। प्लेटफार्म नंबर सात पर आई जोधपुर-हावड़ा के बंद दरवाजे आरपीएफ ने खुलवाए।
प्रयागराज की ओर जाने वालों की 80 फीसदी भीड़
परीक्षार्थियों में 80 फीसदी भीड़ प्रयागराज की ओर जाने वालों की रही। इस कारण रेलवे ने तीन प्रयागराज, एक लखनऊ, एक झांसी तो एक रायबरेली रूट पर स्पेशल ट्रेन चलाई। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि ट्रेनों के दायरे में विस्तार करने और री-शेड्यूल से परीक्षार्थियों का प्लेटफार्मों पर लंबे समय तक लोड नहीं रहा। इस वजह से किसी को असुविधा नहीं हुई। आरपीएफ, जीआरपी के अलावा रेलवे चेकिंग स्टाफ भी मुस्तैद रहा।
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रोडवेज बसों में शाम को रहा लोड
कानपुर। झकरकटी बस अड्डे पर दोपहर तक तो सन्नाटा रहा लेकिन शाम छह बजे के बाद पूर्वांचल और प्रयागराज की ओर जाने वाले परीक्षार्थियों का लोड अचानक बढ़ा। इस वजह से आजमगढ़, देवरिया, रायबरेली, जौनपुर रूटों की बसें 10-10 मिनट में फुल होकर गईं। हालांकि, भीड़ इतनी नहीं हुई कि रिजर्व बसें चलानी पड़े। संवाद