कन्नौज में कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक पर रविवार की सुबह अनौगी क्रासिंग पर बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। गेटमैन की लापरवाही से क्रासिंग खुली रह गई और मालगाड़ी ट्रैक पर लगी लाल झंडी को रौंदते हुए गुजर गई। चालक ने फाटक खुला देख इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी को रोका।
डीआरएम दिनेश सिंह के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। जलालाबाद की अनौगी क्रासिंग (108 गेट) पर गेटमैन बबलू कुमार रविवार को ड्यूटी पर थे। कानपुर से फर्रुखाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी के हार्न देने पर जब राहगीरों की नजर उस पर पड़ी तो क्रासिंग पर वाहन देख अफरातफरी मच गई।
क्रासिंग के पास मौजूद राहगीरों ने शोर मचा दिया और जिससे क्रासिंग पार कर रहे लोग अपने वाहन तेजी से निकालने लगे। इसी दौरान क्रासिंग पर मौजूद एक कार में बैठे लोग चालक को छोड़कर पैदल ही भागने लगे। बाद में कार भी निकल गई। इधर कुछ ही पल में मालगाड़ी ट्रैक पर लगी लाल झंडी को रौंदते हुए धड़धड़ाकर क्रासिंग पार कर गई।
चालक ने फाटक खुला देख इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोकी। उधर, गेटमैन बबलू ने आनन-फानन में क्रासिंग बंद की, तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। करीब 10 मिनट मालगाड़ी खड़ी रही। लिखा-पढ़ी के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि ट्रेन हॉर्न न देती और गाड़ी धीमी न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
डीआरएम दिनेश सिंह के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि गाड़ी आने की सूचना क्रासिंग को दी जाती है। यह गंभीर प्रकरण है। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
मैनुअल है क्रासिंग, सूचना नहीं दी गई थी
गेटमैन बबलू कुमार ने बताया कि अनौगी क्रासिंग मैनुअल है और कानपुर की ओर से आने वाली गाड़ी की जानकारी जसोदा स्टेशन से मिलती है। रविवार सुबह ऐसा नहीं हुआ। मालगाड़ी आने की जानकारी उसे नहीं दी गई। इसी कारण फाटक खुला रह गया। सिग्लन भी ग्रीन ही शो कर रहा था। लेकिन ट्रैक पर लाल झंडी लगी होने के कारण मालगाड़ी के चालक ने ट्रेन को धीमा कर लिया। इस कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।