कानपुर। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का व्यापक असर वैश्विक व्यापार पर दिख रहा है। शिपिंग कंपनियों ने यूरोप, अमेरिका और कनाडा के लिए माल-भाड़ा तीन गुना से ज्यादा बढ़ा दिया है। पहले 1300-1400 डॉलर वाला कंटेनर अब 4000 डॉलर में मिल रहा है। गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल और अन्य खाड़ी देशों में निर्यात पूरी तरह बंद हो गया है।
युद्ध का असर घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है। प्लास्टिक दाना, अलग-अलग प्रकार के पॉलीमर और रसायनों के दाम बढ़ गए हैं। इससे चीजें महंगी हो गई हैं। ईरानी खजूर और कीवी के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था और इसे सात दिन हो गए हैं। होर्मुज जलडमरू मध्य बंद होने से कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं।फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के संयोजक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि शहर से खाड़ी देशों, इस्राइल और ईरान को खाद्य पदार्थ, चमड़ा, इंजीनियरिंग और पैक्ड उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। माल और भुगतान फंसने के डर से निर्यातकों ने नए ऑर्डर रोक दिए हैं। दुबई हवाई अड्डा बंद होने से सिंगापुर और यूरोप जाने वाला माल भी रुक गया है। ईंधन महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ा है।
बीमा और उपभोक्ता वस्तुओं पर प्रभाव
समुद्री बीमा भी 20 हजार रुपये तक महंगा हो गया है। पहले 30 लाख के माल पर 20 हजार रुपये बीमा लगता था जो अब 40 हजार रुपये हो गया है। ईरान ने भी इस्राइल और अमेरिका के साथ लंबे युद्ध का ऐलान किया है। खजूर कारोबारी सुशील कुमार के अनुसार, ईरानी खजूर 80-85 रुपये किलो से बढ़कर 100 रुपये किलो हो गया है। ईरानी कीवी भी 130-140 रुपये किलो से बढ़कर 200-210 रुपये किलो बिक रही है।
महानिदेशक शिपिंग ने सोमवार को बुलाई बैठक
फियो के संयोजक ने बताया कि माल-भाड़ा, मरीन बीमा के दाम बढ़ने से सरकार भी चिंतित है। निर्यातकों की समस्याओं और सुझावों के लिए फियो के बैनर तले महानिदेशक शिपिंग ने सोमवार को शिपिंग प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है। इस पर मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा और निदान पर बात रखी जाएगी।
युद्ध की आंच हिंद महासागर तक पहुंची
युद्ध की आंच हिंद महासागर तक आ गई है। उद्यमी और निर्यातक भयभीत हैं। कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं। इससे प्लास्टिक दाना, अलग-अलग प्रकार के पॉलीमर, रसायनों के दाम बढ़ गए हैं। शिपिंग कंपनियों ने माल भाड़ा भी बढ़ा दिया है। युद्ध का असर घरेलू स्तर पर भी पड़ गया है। कच्चा माल महंगा होने से सभी उत्पाद महंगे होना तय है। अगले सप्ताह से इसका प्रभाव बाजार पर भी दिखने लगेगा। - सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए।
प्लास्टिक दाना 8 हजार रुपये टन बढ़ा
गैस, कच्चा तेल के दाम बढ़ना तय है। इससे उत्पादों की लागत बढ़ जाएगी। बीते आठ दिन में प्लास्टिक दाना का दाम औसत आठ रुपये प्रति किलो या आठ हजार रुपये प्रति टन तक बढ़ गया है। प्लास्टिक उत्पादों का ज्यादातर इस्तेमाल खाद्य उत्पादों में होता है जिससे इसके दाम भी बढ़ना तय हो गया है। महंगाई के बढ़ने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। - अतुल सेठ, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, पीआईए।