उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
सपा में जारी उठापटक के बीच राजनीतिक विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली राय रखी है। आपसी चर्चा के बाद कहा है कि सपा का विवाद केंद्रीय निर्वाचन आयोग तक पहुंचा तो चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ फ्रीज किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो मुलायम और अखिलेश गुट को अलग-अलग निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ेगा। कानपुर नगर की घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा के दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अब सिंबल किसे मिलेगा, इस पर संशय बना हुआ है।
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की प्रतिनिधि सभा में रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इसकी सूचना केेंद्रीय निर्वाचन आयोग को दी गई। इस पर सपा के संरक्षक बने मुलायम सिंह यादव ने पलटवार किया। पत्र जारी करके पांच जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग भी बुला ली। अब कार्यकारिणी का फैसला आएगा, फिर चुनाव आयोग को जानकारी दी जाएगी।