अब तक फास्टैग न लेने वाले वाहन मालिकों के पास इसे मुफ्त पाने के लिए दो दिन का समय बचा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 29 फरवरी तक फास्टैग निशुल्क देगा। इन्हें लेने के इच्छुक वाहन मालिक फास्टैग विक्रेताओं व टोल प्लाजा पर वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) देकर फास्टैग ले सकते हैं।
एक मार्च से फास्टैग के 100 रुपये देने होंगे। दूसरी ओर जागरुकता अभियान चलाने, फास्टैग निशुल्क देने के बावजूद अब तक शहर से जुड़े छह टोल प्लाजा पर फास्टैग लेने वालों का आंकड़ा करीब 70 फीसदी पहुंच पाया है। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2019 से टोल शुल्क चुकाने के लिए फास्टैग की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है।
इसके बाद एनएचएआई अधिकारियों ने नई व्यवस्था के प्रचार-प्रसार के साथ ही अधिक से अधिक फास्टैग उपलब्ध कराने का अभियान शुरू किया था। लोगों को फास्टैग लगवाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश में एनएचएआई ने 29 फरवरी तक मुफ्त में फास्टैग देने का फैसला किया है। फास्टैग के लिए माई फास्टैग ऐप और टोल फ्री नंबर-1033 पर संपर्क किया जा सकता है।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे के वाहन अव्वल
एनएचएआई अधिकारियों की कोशिशों के बाद करीब 70 फीसदी वाहनमालिकों ने फास्टैग लगवा लिए हैं। फास्टैग लगवाने में सबसे आगे चल रहे कानपुर-प्रयागराज हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक अव्वल बने हुए हैं। एनएचएआई के परियोजना निदेशक देवकी नंदन ने बताया कि यदि लोग फास्टैग नहीं लगाते हैं तो उन्हें फास्टैग लेन से गुजरने पर दोगुना शुल्क जमा करना होगा। अब तक करीब 70 फीसदी वाहनमालिकों ने फास्टैग लगवा लिए हैं।