फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों का इनपुट टैक्स क्रेडिट हजम करने वालों पर राज्य वस्तु एवं सेवाकर (स्टेट जीएसटी) विभाग कड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। अफसरों ने कानपुर शहर की 10 फर्जी फर्मों के मालिकों की गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी है। इन्हें घेरने के लिए कई राज्यों के अफसरों को अलर्ट किया गया है। इसके अलावा फर्मों के मुख्यालयों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
स्टेट जीएसटी की टीम ने सितंबर में ताबड़तोड़ छापामारी करते हुए 10 फर्जी फर्मों का पर्दाफाश किया था। अब इन फर्मों के कई राज्यों में फैले संजाल की पड़ताल की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पहले चरण में सभी फर्मों के मुख्यालयों को नोटिस भेजकर यथा स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
यदि कोई जवाब नहीं आया तो केस फाइल किया जाएगा। इसमें बिना कारोबार के आईटीसी हासिल करने के एवज में गिरफ्तारी भी होगी। जुर्माने के साथ आईटीसी की रकम वसूली जाएगी। जांच के लिए अफसरों की कई टीमें दूसरे राज्यों के दौरे पर हैं।
डेमो पिक
मददगारों पर भी कसेगा शिकंजा
स्टेट जीएसटी के सूत्र बताते हैं कि फर्जी फर्मों पर अंकुश लगाने की मुहिम छेड़ी गई है। जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक शहर में ही 25 से ज्यादा फर्जी फर्में पकड़ी जा चुकी हैं। अब फर्जी फर्मों को बनाने में मदद करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। पता लगाया जा रहा है कि फर्मों को बनाने में किसकी भूमिका रही।
इन फर्मों के मालिकों पर निगाह
- श्री निजाम टेडर्स, बाबूपुरवा।
- महालक्ष्मी ट्रेडर्स, किदवई नगर।
- श्री विकास ट्रेडर्स, जरौली।
- सन्नी इंटरप्राइजेज, बारादेवी।
- एके ट्रेडर्स, कुली बाजार।
- विनायक ट्रेडिंग कंपनी, कल्याणपुर।
- एसवी इंटरप्राइजेज, बिल्हौर।
- महादेव स्टील इंडस्ट्रीज, कोयला नगर।
- आरएसपी एलॉयज एंड स्टील, कोयला नगर।