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ठगी का नया तरीकाः सरकारी विभाग की हूबहू फर्जी वेबसाइट बनाकर माफियाओं ने लाखों डकारे

Wed, 13 Jun 2018 06:43 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- आईटी एक्सपर्टों ने हैक की खनिज विभाग की वेबसाइट
- फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर किया लाखों की रायल्टी का कारोबार
- डीएम ने साइट ब्लॉक कराकर दिए जांच के आदेश              
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यूपी के महोबा जिले में सरकारी विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर माफियाओं द्वारा लाखों रुपये डकारने का मामला सामने आया है। महोबा जिले में पहाड़ों के खनन पट्टे कम होने तथा निरंतर रॉयल्टी की मांग बढ़ने के कारण मंडी में रॉयल्टी की कमी होने लगी। जिससे जुडे़ कारोबारियों ने फर्जी रॉयल्टी निकालने का नया तरीका ईजाद करते हुए आईटी एक्सपर्ट्स की मदद से बंग्लौर से खनिज विभाग की नई फर्जी वेबसाइट लॉन्च करा ली और रॉयल्टी निकालकर लाखों का चूना लगाने लगे। मामले की जानकारी होते ही जिलाधिकारी सहदेव ने पूरे मामले की साइबर क्राइम विभाग से जांच कराने और फर्जी साइट ब्लॉक कराने के निर्देश जिला खनिज अधिकारी को दिए हैं।       
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महोबा जिले की कबरई मंडी में 300 से अधिक पहाड़ों के खनन पट्टे थे। जो अपनी समयावधि पूरी कर समाप्त हो गए। नए पट्टे न होने के कारण 100 से कम पट्टे मंडी में बचे हैं। मंडी में प्रतिदिन चार से पांच हजार ट्रक गिट्टी लेने आते हैं जो बिना रायल्टी के माल की निकासी नहीं कर पाते। पट्टे कम होने तथा मांग बढ़ने के कारण रायल्टी की कबरई मंडी में मारामारी हो गई। एक ट्रक माल निकासी पर चार हजार रुपये की रॉयल्टी खनिज विभाग को देनी होती है। रॉयल्टी कमी के कारण मप्र की सस्ती रॉयल्टी कबरई मंडी में चलने लगी। तो वहीं आईटी विशेषज्ञ युवाओं ने फर्जी ऑनलाइन रॉयल्टी का नया तरीका ईजाद कर लिया और राज्य सरकार के खनिज विभाग की फर्जी वेबसाइट बंग्लौर से लांच कराकर रॉयल्टी का अवैध कारोबार करने लगे।      

 
इस मामले में शिकायतों पर जांच कर रहे कबरई थानाध्यक्ष विपिन त्रिवेदी ने बताया कि यूपी ब्लागस्पाट डॉट काम (upblogspot.com) के नाम से बनी साइट खोलते ही खनिज की हूबहू सरकारी साइट खुल जाती है। जिससे बार कोड के साथ फर्जी रॉयल्टी तैयार हो जाती है और विभाग के लोग समझ नहीं पाते। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने बंग्लौर के आईटी विशेषज्ञों से बात की तो पता चला कि कानुपर के किसी सिरफिरे युवक ने सरकारी वेबसाइट बनाई है। जिसे हर हाल में बंद कर जांच करनी होगी ताकि पता चल सके कि कितनी रॉयल्टी का फर्जीवाड़ा हुआ है। जिलाधिकारी सहदेव ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल जिला खनिज अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को फर्जी साइट ब्लाक कराने और साइबर क्राइम के तहत जांच कराकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

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