इसमें युवक गरीब, अनपढ़ किसानों को किसान सम्मान निधि के भुगतान में ठगी की बात कह रहा, तो केंद्र संचालक कई किसानों के नाम लेकर 24 हजार में 12 हजार, 10 में पांच हजार, छह में तीन हजार रुपये लेने की बात कह रहा है। 11 मिनट 52 सेकेंड के ऑडियो में केंद्र संचालक युवक कुछ भी न कर पाने की धमकी भी दे रहा है।
डाकघर में खाता खुलवाने के एक हजार रुपये लिए थे
उसका कहना है कि वह किसान की कृषि विभाग से सेटिंग करके एक-एक साल की रुकी सम्मान निधि इकट्ठी मंगवाते हैं। काम कराना हो, तो आधे रुपये देने होंगे। ऑडियो की सत्यता जानने अमर उजाला की टीम बड़ी गुलरिया गांव पहुंची। वहां ऑडियो में कहे जा रहे नामों के लोगों की जानकारी की, तो सच सामने आ गया। गांव के नन्हे ने बताया कि केंद्र संचालक ने डाकघर में खाता खुलवाने के एक हजार रुपये लिए थे।
खाते से छह हजार रुपये निकालकर तीन हजार दे दिए
18 जून को उनके खाते से 12 हजार रुपये निकाले और पांच हजार दिए। उनकी पत्नी के खाते से 10 हजार रुपये निकालकर चार हजार रुपये दिए। मोबाइल पर रुपये का मैसेज आने पर निकली रकम की जानकारी हुई। वृद्ध बलवीर सिंह ने बताया कि उनके दो खाते हैं। उन्होंने केंद्र संचालक से खाते दिखवाए, तो एक खाते से छह हजार रुपये निकालकर तीन हजार दे दिए। जब उससे कहा, तो बोला कि आधे रुपये ही मिलेंगे।
12 गांवों के सैकड़ों लोगों के साथ ठगी हो रही है
यही नहीं छोटी गुलरिया के महावीर के खाते में 24 हजार रुपये आए थे। उन्हें सिर्फ 12 हजार रुपये ही दिए गए। ग्रामीणों ने बताया कि शिकारपुर, कटरी धर्मपुर, वीरसहाय की मड़ैया, पंखियों की मडैया, टपुआ, ढकैलापुर, बिलावलपुर, रूपपुर, टकैला समेत गंगा किनारे 12 गांवों के सैकड़ों लोगों के साथ ठगी हो रही है। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत करने की बात कही।
यह मामला गंभीर है। यदि ऐसा है, तो गंभीर अपराध है। कोई भी जनसेवा केंद्र संचालक इस तरह से रुपये नहीं ले सकता। वह इस मामले की जांच कराएंगे। सही मिलने पर हर हाल में जनसेवा केंद्र को बंद कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -अनुदित बाजपेई, जिला प्रबंधक, ई-गवर्मेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड
किसानों को किसान सम्मान निधि की रकम आधी मिलने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। -सतीश कुमार, एसडीओ-प्रभारी उपनिदेशक कृषि, फर्रुखाबाद