बिछिया (उन्नाव)। पति की हत्या में जेल भेजी गई महिला के चार साल के बच्चे की उसका संरक्षक बने युवक ने ही पीटकर कर हत्या दी। जेल जाने से पहले महिला इसी युवक के साथ रह रही थी। युवक महिला के साथ रह रहे बच्चे को देखभाल के लिए जेल से घर ले आया था। घटना पुरवा कोतवाली के घूरखेत गांव की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी है।
बिहार थाने के रामनंदखेड़ा निवासी अनीता पर मार्च 2015 में पति चंद्रपाल की ईंट भट्ठे पर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने अनीता को जेल भेजा था। दो वर्ष पूर्व हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर छूटी थी। तब अनीता ने अपना नाम बदल लिया था। इसके बाद बेटे आशू (4) को साथ लेकर घूरखेत निवासी सुशील यादव के साथ रहने लगी थी। उसने कोर्ट में हाजिर होना भी बंद कर दिया। कोर्ट से उसके खिलाफ वारंट जारी किया तो बिहार थाना पुलिस ने 2 जुलाई 2019 को उसे फिर गिरफ्तार कर जेल भेजा। बच्चा आशू भी मां के साथ जेल गया। 15 दिन पूर्व सुशील आशू को देखरेख के लिए घर ले आया था।
चार दिन पहले किसी बात पर नाराज सुशील ने आशू को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। सुशील के छोटे भाई सुनील को इसकी जानकारी हुई तो उसने विरोध किया और आशू को अस्पताल ले जाने को कहा। सुशील आशू को बिछिया सीएचसी ले गया। वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार सुबह आशू की कानपुर हैलट अस्पताल में मौत हो गई। सुशील बच्चे का शव लेकर घर आया और चारपाई पर रख कमरे में कुंडी लगाकर भाग निकला। सुनील को शक हुआ तो घर पहुंचकर कुंडी खोली। उसी ने यूपी 100 पुलिस को सूचना दी। एसआई भास्कर देव ने पहुंचकर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी अतुल तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।