इटावा। नगर पालिका में वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव के बेटे सिद्धार्थ का आरोप है कि पिता को फर्जी तरीके से नौकरी लेने की शिकायत पर ईओ के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बनाकर जांच शुरू करा दी गई थी। एक माह में पिता को चार नोटिस जारी किए गए थे। दो दिन पहले जारी नोटिस में पिता को नौकरी से बर्खास्त करने और रिकवरी करने की चेतावनी दी गई थी। इससे परेशान होकर पिता यमुना नदी में कूदे हैं। वहीं, ईओ ने बताया कि आरोप गलत हैं। सिर्फ राजीव को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे थे।
राजीव यादव के मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में भी लिखा गया है कि जुलाई में नगर पालिका अध्यक्ष पर अवमानना की कार्रवाई शुरू होने के बाद आशीष कुमार की ओर से मेरी सर्विस बुक की एक छाया प्रति लगाकर फर्जी तरीके से नौकरी पाने की शिकायत की गई थी। इसके बाद ईओ संतोष मिश्रा के नेतृत्व में कमेटी बनाकर जांच शुरू करा दी गई थी। पत्र में जिक्र किया है कि एक माह में चार बार नोटिस जारी करके प्रताड़ित किया गया।
उधर, ईओ संतोष मिश्रा ने बताया कि चेयरमैन के आदेश पर मेरे नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बनाई गई थी। इसमें एई, जेई और अकाउंटेंट भी शामिल थे। बताया कि राजीव को पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे थे। किसी भी तरह से उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा रहा था। सभी आरोप गलत हैं। बताया कि इससे जुड़ी जांच रिपोर्ट भी लगभग पांच दिन पहले चेयरमैन मैडम को सौंपी जा चुकी है।
31 अक्तूबर को था रिटायरमेंट
बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि 31 अक्तूबर को पिता का रिटायरमेंट था। इसको लेकर वह बड़ा कार्यक्रम करने की लंबे समय से योजना बनाए थे। उनके कर्मचारी साथी भी उनके कार्यक्रम को भव्य बनाने में लगे थे। कर्मचारी नेता अरविंद धनगर ने बताया कि राजीव यादव सभी के रिटायमेंट को भव्य और यादगार बनाते थे। इसलिए उनके रिटायरमेंट को सभी कर्मचारी धूमधाम से मनाना चाहते थे। हम सभी इस मामले में न्याय चाहते हैं।