कानपुर के स्वरुप नगर स्थित राजकीय बाल गृह से शनिवार को लखनऊ के सरकारी गृह (राजकीय पश्चात वर्ती संगठन) भेजी गईं मंदबुद्धि चार युवतियां वापस कर दी गईं। संस्था ने युवतियों के मंदबुद्धि होने के कारण अपने यहां रखने से मना कर दिया।
बाल गृह बालिका में इस समय 98 किशोरी हैं। इनमें से सात मंदबुद्धि हैं। ये सभी बालिकाएं किसी न किसी अपराध से पीड़ित हैं। घर जाने से मना करने और घरवालों के न लेने की वजह से इन्हें यहां रखा गया है। कोर्ट में मामला चलने के कारण 18 साल से ज्यादा उम्र होने पर इन्हें लखनऊ सरकारी गृह शिफ्ट किया जाता है।
इसी क्रम में अधीक्षिका ने मंदबुद्धि चार युवतियों को लखनऊ भेजा था। वहां की अधीक्षिका ने रखने से मना कर दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजित कुमार ने बताया कि इस बारे में महिला व बाल कल्याण निदेशक दफ्तर से बात कराई थी, लेकिन अधीक्षिका ने कहा कि सामान्य युवतियों को ही गृह में रखा जा सकता है।