फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: शहर में बैठ देशभर के सवा लाख लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

विज्ञापन
पुलिस ऑफिस में पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस हिरासत में ऑनलाइन ठगी के आरोपी हरिओम पाण्डेय, अनुर - फोटो : संवाद
विज्ञापन
कानपुर। शहर में बैठकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर सवा लाख लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी नौकरी डॉट कॉम से नंबर निकाल वीडियो कॉल पर इंटरव्यू लेते थे। पकड़े गए आरोपियों में दो युवतियां भी शामिल हैं।
विज्ञापन

आरोपियों की पहचान चमनगंज के भनानापुरवा निवासी आरिबा, किदवईनगर डी ब्लाक निवासी कीर्ति गुप्ता, चौबेपुर के बिशुनपुर निवासी अनुराग दीक्षित और गाजियाबाद के अजनारा जैनेक्स निवासी हरिओम पांडेय के रूप में हुई। हरिओम मूलरूप से प्रतापगढ़ के डाही पट्टी का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें भेज दिया गया। डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि आरोपियों ने चकेरी में रह रहे मूलरूप से पंजाब के अमृतसर निवासी विकास से 14 फरवरी को नौकरी दिलाने के नाम पर 26,800 रुपये ठग लिए थे। मामले की जांच में जुटी साइबर सेल की टीम ने उन खातों की जानकारी जुटाई जिनमें रकम मंगाई थी। डीसीपी के अनुसार पकड़े गए गिरोह में कुल 15 सदस्य है। फरार अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, नौ स्मार्ट फोन, 14 की-पैड मोबाइल, आठ मोबाइल सिम कार्ड, एक वाईफाई राउटर, दो बैंक पासबुक, सात डेबिट कार्ड और एक कार बरामद की है। आरोपी फर्जी केवाईसी के जरिए सिम कार्ड भी लेते थे जिसके जरिए नौजवानों को कॉल कर ठगी करते थे। इसके बाद सिमकार्ड बंद कर फेंक देते थे।
विज्ञापन

डीसीपी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि गिरोह 2015 से साइबर ठगी की घटना में शामिल हैं। अब तक देश भर में सवा लाख से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोपियों ने एक साल पहले 2.47 लाख रुपये में एक साल के लिए नौकरी.कॉम वेबसाइट का पैकेज ले रखा था।
पुलिस ने जब आरिबा के घर में दबिश दी तो टीम को एक कमरे में पूरा सेटअप तैयार मिला। वहां से आरोपी व्हाॅट्एप के जरिए वीडियो कॉल करते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया किया उन्होंने ठगी के लिए (ELITE GLOBAL CAREERS व OVERSEAS CONSULTANCY) नाम की फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। वह विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।
जालसाज फेक नंबर का नौकरी.कॉम वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा लेते थे। इसके बाद लोगों का डाटा निकाल लेते थे जो विदेशों में नौकरी के लिए अपना रिज्यूम अपलोड करते थे। फिर उन्हें व्हाॅट्सएप के जरिए वीडियो कॉल कर ऑनलाइन इंटरव्यू दिलाते थे। फिर ज्वाइन के लिए रुपये ऐंठते थे।

पकड़े गए आरोपी वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल से कॉल कर जोइपर साफ्टवेयर की मदद से लोगों को कॉल करते थे। इसके जरिए विदेशी कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल नंबर को वाॅइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल कॉल से कनेक्ट कर देते थे ताकि लोगों को विश्वास हो जाए कि उन लोगों का इंटरव्यू विदेशी कम्पनियां ले रही हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें