कानपुर देहात। अकबरपुर क्षेत्र के बनारअलीपुर गांव में 25 साल पहले हुई मारपीट के मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट में चल रही थी। अदालत ने चार आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए उन्हें तीन तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अकबरपुर क्षेत्र के बनारअलीपुर निवासी मुन्नालाल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि चार मई 2000 को भाई सत्यनारायण की भैंस अचानक खूंटे से छूट कर गांव के सरमन के खेत में चली गई थी।सरमन ने भाई की भैंस अपने दरवाजे पर बांध ली। जब वह और उसका भाई भैंस लेने गए तो सरमन ,जगदीश ,विनोद व पप्पू ने लाठी डंडों से हमला कर दिया।
उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शैलेन्द्र निगम की अदालत में चल रही थी ।शुक्रवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए उन्हें तीन तीन साल के कारावास की सजा सुनाई इसके साथ ही प्रत्येक पर आठ आठ हजार रूपए अर्थदंड भी लगाया है।