कानपुर। सचेंडी थाना क्षेत्र में फॉर्च्यूनर गाड़ी पर किसी अन्य वाहन का फर्जी नंबर लगाकर चलाने का आरोप लगा है। पीड़ित ने संदिग्ध गाड़ी को सचेंडी में पकड़ा और दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इटावा के जसवंतनगर निवासी आशुतोष यादव ने दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि 10 अप्रैल को करीब 12.57 पर चचेरे भाई रिषभ के मोबाइल नंबर पर उसके मित्र गौरव ने बताया कि उनकी फॉर्च्यूनर सचेंडी में खड़ी है। इस पर ऋषभ ने गाड़ी जसवंतनगर काॅलेज में खड़ी होने की जानकारी दी। ऋषभ सचेंडी के पास बने आशा की रसोई के पास पहुंचे तो देखा कि वहां एक फॉर्च्यूनर गाड़ी खड़ी है जिस पर उनकी गाड़ी की फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। आसपास के लोगों से पता चला कि संजीव और शिवेंद्र नाम के दो भाई आरसीएल कंपनी में सुपरवाइजर और ड्राइवर का काम करते हैं।
वह दोनों फर्जी नंबर प्लेट लगा कर चलते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी फॉर्च्यूनर महावीर सिंह के नाम रजिस्टर्ड है। सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर दोनों युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।