जनरल डायरी के पन्नों को वायरल कर दिया था
वहीं, चोरी का माल बेचने के आरोप में निलंबित होने के बाद पुलिस लाइन में आमद कराने की बजाय विजय लापता हो गा था। इस मामले में भी लाइन में उसके खिलाफ रपट डालकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए। साथ ही उसने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए थाने की जनरल डायरी के पन्नों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस मामले में भी उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। सूत्रों का कहना है कि सभी मामलों में विजय के खिलाफ जांच अधिकारियों के पास ठोस सबूत हैं। ऐसे में उसे तीनों मामलों में राहत मिलना मुश्किल है।
बर्रा पुलिस ने पकड़ा चोर तो खुला मामला
रेल बाजार थाना प्रभारी रहे विजय दर्शन शर्मा और उनकी टीम के चोरी के सोने के जेवर बेचने का खुलासा तब हुआ जब बर्रा पुलिस ने मामले में एक चोर को पकड़ा। चोर ने पूछताछ में बताया कि जेवर के साथ उसे विजय दर्शन ने पकड़ लिया था, लेकिन एक लाख रुपये और चोरी का माल लेकर छोड़ दिया। इसके बाद जिस सराफा कारोबारी की दुकान पर चोर माल बेचने गया था, उसी दुकान पर विजय ने जेवर बेचकर पैसे ले लिए। इसी के बाद विजय दर्शन और उसकी पूरी टीम के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए।
गड़बड़ी पकड़ी, पर नहीं दी उच्चाधिकारियों को जानकारी
चोरी के जेवर बेचने के जिस मामले में विजय दर्शन फंसे हैं, उस मामले में बर्रा थाना प्रभारी की गर्दन भी फंसी हुई है। आरोप है कि उन्होंने तीन दिन तक चोर को थाने में बैठाए रखा। साथ ही उन्हें रेलबाजार थाना प्रभारी के जेवर बेचने का पता भी चल गया, लेकिन न तो उन्होंने इसकी सूचना अफसरों को दी, न ही चोर की लिखापढ़ी की। एसीपी नौबस्ता उनकी भूमिका और कार्यशैली की जांच कर रहे हैं।
ये खुला था खेल
सोशल मीडिया पर चोरों से बरामद जेवर बेचे जाने की सूचना वायरल होने पर एसीपी कैंट ने जांच की। पता चला कि बर्रा थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने शिक्षिका के घर चोरी के मामले में रामाश्रयनगर निवासी सुनील उर्फ पुछकटी को हिरासत में लिया था। सुनील जेवर बेचने रेलबाजार के एक सराफा कारोबारी के पास पहुंचा तो कारोबारी ने एसओ रेलबाजार के कारखास आमिल हाफिज को बता दिया। विजय दर्शन ने जेवर और एक लाख रुपये लेकर चोर को छोड़ दिया। जांच में यह भी पता चला कि बर्रा एसओ तबीयत बिगड़ने पर चोर को अस्पताल भी ले गए, लेकिन इस पूरी कवायद के दौरान किसी आला अधिकारी को न तो विजय दर्शन, न ही चोरी के माल को लेकर हुए खेल की जानकारी दी।