झींझक कस्बे में रेलवे फ्रेट कॉरीडोर मामले में पीड़ित किसान उचित मुआवजे की मांग के लिए शनिवार से क्रमिक अनशन पर बैठ गए। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से ग्रस्त किसानों ने अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
शाम तक कोई भी अधिकारी किसानों का दुखदर्द सुनने अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा हैं। बता दें कि झींझक नगर पंचायत में रेलवे कॉरीडोर के ओर से 2008-09 में किसानों की जमीनों पर अधिग्रहण किया गया था।
किसानों की नगर पंचायत की जमीनों पर ग्राम पंचायत के सर्किल रेट पर मुआवजा दिया गया था। उचित मुआवजा न मिलने के विरोध में शनिवार को लगभग एक दर्जन किसान अपनी जमीनों को जबरन खाली कराए जाने को लेकर भोलानगर रेलवे क्रासिंग पर अनशन पर बैठ गये है।
अनशन के आयोजक जब्बार खां ने बताया कि सांसद डिंपल यादव के क्षेत्र में वैसे ही किसान परेशान हैं। लगभग 25 से ऊपर ग्राम पंचायतों के किसानों को अतिवृष्टि सूखा व ओलावृष्टि का मुआवजा किसानों को नही मिला है।
सरकारी योजनाओं में किसानों की अधिग्रहीत की जा रही। जमीनों का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी किसानों के दुख दर्द में शामिल नही हो रहे है। धरने पर पूर्व चेयरमैन अशर्फीलाल खन्ना व समाजसेवी दामोदर शुक्ला बैठे। अनशन अगले तीन दिनों के बाद आमरण अनशन में बदल जाएगा।
क्रमिक अनशन में सर्वेश त्रिपाठी प्रेमचंद्र विनम्र कुमार गुप्ता कैलाश त्रिपाठी रामप्रसाद राजपूत चंद्र शेखर तिवारी सूरज मुखी राजपूत राजेश्वरी ममता प्रेमलता विनय यादव लल्लन पोरवाल समेत एक दर्जन लोगों ने हिस्सा लिया।