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उपचुनाव: बसपा में घमासान, पूर्व विधायक व नगर अध्यक्ष पार्टी से निष्कासित, दोनों नेताओं ने कही ये बात

Thu, 10 Oct 2019 09:14 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मायावती - फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश में उपचुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं पर इस सब के बीच एक बार फिर से बसपा में अंदरूनी घमासान मच गया है। कानपुर में बसपा से घाटमपुर के विधायक रहे आरपी कुशवाहा व कानपुर नगर के अध्यक्ष रहे सुरेंद्र कुशवाहा को गुरुवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
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इन दोनों नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाया गया है। बसपा जिलाध्यक्ष रामशंकर कुरील ने इनके निष्कासन की सूचना जारी की। हालांकि निष्कासित नेताओं ने एक दिन पहले पार्टी मुखिया मायावती को इस्तीफा सौंपने की बात कही है।

अभी कुछ दिन पहले ही बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर रहे अनुभव चक समेत दर्जनों नेताओं, कार्यकर्ताओं के इस्तीफा दिए जाने से बसपा की अंदरूनी कलह सामने आई थी। यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब दो और नेताओं के निष्कासन की खबर से राजनीति के जानकार मानने लगे हैं कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है।

आरपी कुशवाहा और सुरेंद्र कुशवाहा के निष्कासन की सूचना पर साकेत नगर स्थित इनके निवास पर समर्थक जुटने लगे। देर शाम दोनों नेताओं ने मीडिया में अपना बयान भी जारी किया कि पार्टी की नीतियों और नेताओं के रवैये से दुखी होकर उन्होंने बुधवार को अपना इस्तीफा पार्टी मुखिया को फैक्स कर दिया था। इसके बाद निष्कासन की सूचना जारी की गई। 

 
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आरपी कुशवाहा पहले भी हुए थे निष्कासित
आरपी कुशवाहा लोकसभा चुनाव से पहले भी बसपा से निष्कासित किए गए थे, लेकिन चुनाव के समय इन्हें पार्टी में फिर शामिल कर लिया गया था। आरपी कुशवाहा बसपा के पुराने और कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। आरपी कुशवाहा दो बार से बिठूर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन हार का सामना करना पड़ रहा है।

इसके बाद पार्टी में उनकी सक्रियता पर सवाल उठने लगे थे। इनकी पत्नी रीता कुशवाहा जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। वहीं सुरेंद्र कुशवाहा के समर्थकों की भी अच्छी खासी संख्या है। लोकसभा चुनाव के दौरान वे पार्टी के महानगर अध्यक्ष थे। इन्हें हमीरपुर उप चुनाव में बसपा प्रत्याशी नौशाद अली के प्रचार की जिम्मेदारी देकर भेजा गया था। 

200 से ज्यादा नेताओं के इस्तीफा देने का दावा 
पूर्व महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि दोनों नेताओं के समर्थन में 200 से ज्यादा नेताओं व पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।  इसमें पूर्व मंडल जोन इंचार्ज बुंदेलखंड अवधेश कुरील, जीतू पैंथर, अमरनाथ बाल्मीकि, केके कुशवाहा, रीता कुशवाहा, देवेंद्र कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा आदि शामिल हैं। 
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