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पूर्व आईआईटीयन ने जवानों पर की अपमानजनक टिप्पणी, सोशल मीडिया पर छात्रों ने की कार्रवाई की मांग

Tue, 30 Jul 2019 03:57 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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आईआईटी कानपुर
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आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र द्वारा सेना के जवानों के लिए अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर आईआईटी के छात्र-छात्राएं, शिक्षक एकजुट हो गए हैं। देश भर से आम लोग भी टिप्पणी करने वाले पूर्व छात्र पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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वहीं नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने आईआईटी के पूर्व छात्र और कारगिल हाइट्स का विरोध करने वाले दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ मानव संसाधन विकास मंत्रालय में शिकायत की है। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष शुभम शुक्ला ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल को पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की है।

शुभम ने कहा कि कारगिल शहीदों की याद में बने कारगिल हाइट्स का विरोध शहीदों का अपमान है। ऐसे प्रोफेसर कभी भी देशहित में नहीं सोच सकते हैं। एबीवीपी ने भी मामले में निदेशक से मुलाकात कर प्रोफेसरों पर कार्रवाई की मांग करने का फैसला लिया है। महानगर संगठन मंत्री सत्या चौधरी ने कहा कि वह परिषद के पदाधिकारियों के साथ आईआईटी निदेशक से इस संबंध में चर्चा करेंगे।
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समर्थन में उतरे नानकारी के लोग
नानकारी वार्ड 27 में रहने वाले लोगों ने भी कारगिल हाइट्स के समर्थन में आवाज उठानी शुरू कर दी है। वायस ऑफ कानपुर नाम के ट्विटर हैंडल से नानकारी के लोगों ने कहा कि हम लोग इस पहल की सराहना और स्वागत करते हैं। कहा है कि जिन लोगों को कारगिल हाइट्स से दिक्कत है वे दूसरे देश चले जाएं। ऐसे लोगों का टिकट नानकारी वाले मिलकर करा देंगे।

ग्रुप पर विवादित पोस्ट करने वाले ज्यादा
जिस एल्युमनाई एसोसिएशन के फेसबुक ग्रुप पर आईआईटी के पूर्व छात्र ने सेना के जवान के लिए अपमानजनक टिप्पणी की है, उस ग्रुप पर लगभग हर रोज विवादित पोस्ट होते रहते हैं। जातिगत भेदभाव, धार्मिक भेदभाव वाले पोस्ट करने वाले भी काफी ज्यादा हैं। हैरानी की बात है कि इस ग्रुप के एडमिन उप निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल, प्रो. बीवी फणी, एसोसिएशन के अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार लोग हैं। इसके बावजूद ऐसी विवादित टिप्पणी करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। 
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