कानपुर। लायर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह और उनके चार साथियों पर किसान का आयुष्मान कार्ड बनवाने का झांसा देकर उसकी जमीन हड़पने का आरोप लगा है। पनकी थाने में सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले जयपाल का आरोप है कि पिता को बहाने से साथ ले जाकर धोखाधड़ी की गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पनकी के पतेहुरी गांव निवासी जयपाल के अनुसार वर्ष 2015-16 में राजबहादुर और राघवेंद्र ने उनके खेतों के बगल में जमीन खरीदकर प्लॉटिंग शुरू की थी। बताया 21 सितंबर 2015 को उनके बाबा गुलाब सिंह की हत्या हुई थी जिसके आरोप में उन्हें ही जेल जाना पड़ा था। इस बीच आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत उनके पिता भगवान सिंह से नजदीकियां बनाईं। वर्ष 2019 में पिता को ब्रेन हेमरेज हुआ था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घर लौटने के बाद आरोपी पिता मानसिक रूप से बीमार और चलने फिरने में असमर्थ हो गए।
आरोपी उनको इलाज और दवा दिलाने के बहाने साथ ले जाकर पुश्तैनी जमीन लिखाते रहे। जेल से छूटकर घर लौटने पर आरोपियों को पिता को साथ ले जाने की जानकारी पर परिजनों को टोका। तब पता चला कि आरोपियों ने परिजनों से आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर कई बार हैलट ले जाने की बात कही थी।
जयपाल के अनुसार आरोपी रामबहादुर ने चेक नंबर 100 और 101 लिखापढ़ी में दिखाई हैं। यह चेकें आरोपियों ने उन्हें न देकर मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित उनके खाते में जमा करी थी जो बाउंस हो गईं थीं। यह चेक 1.50 लाख और 1.57 लाख रुपये की थीं। आरोपी राघवेंद्र सिंह और राम बहादुर सिंह ने जमीन अपने नाम कराई थी। इससे पहले वर्ष 2020 में रामबहादुर के बेटे अंकित ने जमीन अपने नाम कराई थी। पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि पूर्व महामंत्री समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साजिश के तहत दर्ज कराई रिपोर्ट
पूर्व महामंत्री राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सजायाफ्ता अपराधी द्वारा साजिश के तहत उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया है। राघवेंद्र ने अपना पक्ष रखते हुए एक पत्र लॉयर्स एसोसिएशन को दिया था जिसे लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।