संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। 7,820 करोड़ रुपये के बैंक घोटालों से संबंधित मुकदमे में आरोपी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व प्रबंध निदेशक व बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक रहे लंदन निवासी सतीश चंद्र गुप्ता की अग्रिम जमानत अर्जी कंपनी एक्ट के विशेष न्यायाधीश आजाद सिंह ने खारिज कर दी है।
विभिन्न बैंकों से 7,820 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें रोटोमैक ग्लोबल लिमिटेड के निदेशक विक्रम कोठारी, राहुल कोठारी, फ्रास्ट इंटरनेशनल के निदेशक उदय देसाई, सुजय देसाई, मोहन स्टील लिमिटेड के निदेशक मोहन कृष्ण, गोपाल कृष्ण केजरीवाल, बिल्डर विश्वनाथ गुप्ता समेत 69 अभियुक्त हैं। इनमें से 19 विदेश में रहते हैं।
इनमें से लंदन में रहने वाले सतीश चंद्र गुप्ता की ओर से उनके चार्टर्ड एकाउंटेंट ने पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर सतीश का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। एसएफआईओ के विशेष लोक अभियोजक की ओर से तर्क रखा गया कि सतीश ने इंग्लैंड की नागरिकता ले ली है। समन तामील होने के बावजूद भारत आकर न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ जिसके चलते उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। जमानत मिल गई तो वह मुकदमे में सुनवाई के दौरान भी भारत नहीं आएगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।