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Kanpur News: नोटों की गड्डियों संग तस्वीर वायरल होने पर पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य निलंबित

Fri, 24 Jul 2026 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य रहे डॉ. हरप्रीत सिंह व डॉ. विमल यादव की नोटों की गड्डियों संग सोमवार को तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। साथ ही उन पर कई गंभीर आरोप लगे थे। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले को गंभीर मानते हुए डॉ. हरप्रीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
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उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बृहस्पतिवार शाम को अपने एक्स हैंडल से पोस्ट की। लिखा कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कानपुर देहात की नोटों की गड्डी के साथ वायरल फोटो व अनियमितता संबंधी प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए उनकी ओर से महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को दिए गए आदेश के क्रम में प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई संस्तुति कर दी गई है। उन्होंने आगे लिखा कि पारदर्शी प्रक्रिया एवं भ्रष्टाचार मुक्त कार्य प्रणाली हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। सरकार की छवि धूमिल करने तथा भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी स्थिति में क्षमा नहीं किया जाएगा, ऐसा करने वालों के खिलाफ त्वरित व कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि सोमवार को एक युवक ने फेसबुक पर मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहे डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. विमल यादव की नोटों की गड्डियों के साथ फोटो वायरल की थी। साथ ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य, पूर्व सीएमएस व एक फार्मासिस्ट पर कई अनियमितता के आरोप लगाए थे। इसके बाद से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है। इधर कन्नौज से स्थानांतरित होकर आए नवागंतुक प्रधानाचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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कई फर्म को मनमाने ढंग से भुगतान के आरोप

सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में युवक ने आरोप लगाए थे कि एक फार्मासिस्ट के रिश्तेदार की फर्म के नाम कई मदों में मनमाने ढंग से भुगतान किए गए हैं। साथ ही महिला अस्पताल व महिला विंग के 230 बेड का लाउंड्री के टेंडर में भी गड़बड़ी की गई। युवक ने पोस्ट में लिखा था कि एक साल तक एक बेड की चादर की धुलाई का 12, 000 रुपये सालाना दिया जाएगा। वहीं, महिला अस्पताल में महज 180 बेड उपलब्ध हैं। आरोप है कि 50 फर्जी बेड जोड़कर गड़बड़ी की गई है। इसके अलावा वायरल पोस्ट में नर्सिंग स्टाफ की भर्ती पर भी सवाल खड़े किए गए थे। इन आरोपों के बाद कई फर्म को किए गए भुगतान संदेह के घेरे में हैं।
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मेरा तबादला नहीं समायोजन हुआ
सोशल मीडिया पर युवक ने पोस्ट कर आरोप लगाए थे कि पूर्व सीएमएस डॉ. वंदना सिंह का वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर गौतमबुद्ध नगर स्थानांतरण हो गया है। इसके बाद भी वह सरकारी आवास खाली नहीं कर रही हैं। वहीं कई अन्य आरोप लगे थे। इसको लेकर डॉ. वंदना सिंह का कहना है कि उनका 62 वर्ष का कार्यकाल 31 दिसंबर को पूरा हो गया था। उनका स्थानांतरण नहीं समायोजन किया गया है। आदेश में त्रुटि है। जिसे ठीक करने के लिए प्रधानाचार्य द्वारा पत्राचार किया गया है। अभी तक वह प्रधानाचार्य के आदेश पर ही काम कर रहीं हैं।

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कई पर लटक रही कार्रवाई की तलवार

उपमुख्यमंत्री की ओर से कार्यवाहक प्राचार्य रहे डॉ. हरप्रीत सिंह को निलंबित किए जाने के आदेश के बाद से मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। आरोपों में घिरे कई अन्य लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। लोग नवांगतुक प्राचार्य डॉ. अंबरीश गुप्ता की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कई लोगों पर कार्रवाई होने के कयास लगा रहे हैं।
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फार्मासिस्ट ने डॉ. हरप्रीत को भेजा लीगल नोटिस
नोटों की गड्डियों के साथ फोटो वायरल होने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों में छिड़ी रार भी थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले कार्यवाहक प्राचार्य रहे डॉ. हरप्रीत सिंह ने फार्मासिस्ट दिनेश कुमार पर उनको फंसाने के आरोप लगाए थे। अब फार्मासिस्ट दिनेश ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से डॉ. हरप्रीत सिंह को लीगल नोटिस भेजकर 48 घंटे में जवाब मांगा है। दिनेश कुमार ने बताया कि डॉ. हरप्रीत सिंह ने दुर्भावनापूर्ण बयान और झूठा आरोप प्रसारित किए हैं। प्रधानाचार्य ने उनपर रुपये रखकर फोटो लेकर वायरल करने का आरोप लगाया था। जबकि उनके कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनके ऊपर निराधार आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल की गई है।
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बयान..

एक्स हैंडल से कार्यवाहक प्राचार्य रहे डॉ. हरप्रीत सिंह के निलंबन की जानकारी मिली है। मेरे स्तर से जांच समिति गठित की गई है। जल्द ही जांच समिति अपनी जांच शुरू करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लगे आरोप को लेकर स्थिति साफ होगी। - डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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