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किसान विकास पत्र में फर्जीवाड़ा: एफडी पांच लाख की, चेक 50 लाख का, तीन निलंबित

Mon, 07 Jun 2021 11:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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फ्रॉड। - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के बड़ा चौराहा स्थित प्रधान डाकघर में किसान विकास पत्र (केवीपी) में फर्जीवाड़े के मामले में सहायक पोस्ट मास्टर, डाक सहायक और ट्रेजरार को निलंबित कर दिया गया है। इन पर फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के केवीपी की पांच लाख की धनराशि का चेक हेराफेरी कर 50 लाख रुपये का बनाने का आरोप है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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उच्चाधिकारियों की सतर्कता से डाक विभाग 45 लाख रुपये की चपत लगने से बच गया। प्रधान डाकघर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के कारनामों की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में है। इससे पहले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन, माफिया मुन्ना बजरंगी का फोटोयुक्त डाक टिकट जारी करने को लेकर विवादों से घिरा था। ताजा मामला केवीपी में फर्जीवाड़ा कर विभाग को चपत लगाने का है।

दरअसल, किसी कर्मचारी ने केवीपी के पांच लाख रुपये के चेक को 50 लाख रुपये का बनाकर भुगतान के लिए भी भेज दिया। भुगतान से ठीक पहले उच्चाधिकारियों ने इसे पकड़ लिया। यह किसने किया, इसका खुलासा विस्तृत जांच में ही हो पाएगा। फिलहाल फर्जी रकम वाला चेक आगे बढ़ाने के आरोप में सहायक पोस्टमास्टर, सहायक डाक और ट्रेजरार को निलंबित कर दिया गया है।
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यह कार्रवाई मुख्य पोस्टमास्टर ने की है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना केवीपी सिर्फ डाकघर से मिलते हैं। यह सुविधा प्रधान डाकघर के बचत बैंक से कोई भी व्यक्ति ले सकता है। पिछले दिनों एक युवक ने एजेंट के माध्यम से पांच लाख रुपये का चेक जमा किया था। बाद में उसी चेक पर पांच की जगह 50 लाख रुपये दर्ज कर दिए गए। यह कार्य किसने किया, फिलहाल किसी को पता नहीं है। 
 
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ऐसे खुली फर्जीवाड़े की पोल
डाक सहायक विनीत शाह पर आरोप है कि उसने बिना जांच-पड़ताल के चेक समेत पत्रावली सहायक पोस्टमास्टर सतीश गौड़ के पास भेज दी। उन्होंने भी चेक नहीं देखा और फाइल ट्रेजरार अशोक के पास भेज दी। अशोक ने जब चेक आगे बढ़ाया तो आला अधिकारियों ने इतनी बड़ी रकम का भुगतान एक बार में करने पर संदेह जताया।

पड़ताल और पूछताछ में फर्जीवाड़े की बात सामने आई। पता चला कि कागजों में जमा राशि पांच लाख रुपये दर्शायी गई है, लेकिन चेक में 50 लाख लिख दिया गया। इस पर अधिकारियों ने जांच कराई तो विभाग के कर्मचारियों की गड़बड़ी पकड़ में आई।

यह होता है किसान विकास पत्र 
यह एक प्रकार की बचत योजना है। इसमें निवेशक को 10 साल और चार महीने (124 महीने) के लिए निवेश करना होता है। इस अवधि के बाद निवेश की राशि दोगुनी मिलती है। योजना का लाभ सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि कोई भी व्यक्ति ले सकता है।

इसके लिए बैंक या डाकघर से केवीपी प्रमाणपत्र खरीदना होगा। इसका न्यूनतम निवेश 1000 रुपये है। इस निवेश कि कोई ऊपरी सीमा नहीं है। आप जितना चाहें, उतना निवेश कर सकते हैं। 50 हजार से ज्यादा का निवेश करने पर पैन की डिटेल देनी होगी।
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