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Kanpur News: केस्को के 25 साल के इतिहास में पहली बार बिजली की मांग 763 मेगावॉट तक पहुंची

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कानपुर। गर्मी और उमस ने जहां आमजन को बेहाल कर दिया है, वहीं बिजली के पसीने भी छुड़ा दिए हैं। मई में जुलाई जैसा असर है। एसी, कूलर, पंखों से बिजली की मांग दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। यह अभी 763 मेगावॉट तक पहुंच गई है, जबकि जून और जुलाई बाकी है। इसने केस्को के इतिहास के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पिछले वर्ष अधिकतम मांग 714 मेगावॉट गई थी।
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केस्को की ओर से गर्मी के लिए सर्दियों से ही तैयारियां चल रहीं थी। कई ओवरलोड सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ा दी गई। वहां लगे पावर ट्रांसफार्मर की संख्या दोगुनी हुई, जबकि डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर का लोड कम किया गया। मार्च तक सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा। इस दौरान बिजली सब स्टेशन, फीडर, ट्रांसफार्मर, एचटी व एलटी लाइन की सर्विसिंग कराई गई। अप्रैल में एकदम से उमस और तापमान बढ़ गया। घरों में एसी, कूलर, पंखे, फर्राटा चलने शुरू हो गए। इसकी वजह से कई फीडर, सब स्टेशन फिर से ओवरलोड हो गए। नतीजा ट्रिपिंग और फॉल्ट के रूप में सामने आया। बारिश न होने की वजह से दिन और रात के तापमान में गिरावट नहीं आई। घरों में उपकरण का उपयोग कम होने की बजाय और बढ़ गया। 19 मई को बिजली की मांग बढ़कर 763 मेगावॉट पहुंच गई। इस मांग के चलते अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। सभी सब स्टेशनों से बिजली की खपत की रिपोर्ट मांगी जा रही है।

इस वजह से बढ़ रहा है लोड
केस्को के अधिकारियों के मुताबिक लोड बढ़ने की मुख्य वजह उपभोक्ताओं का अपने घरों में लोड न बढ़वाना है, जबकि एसी और कूलर की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। घर का लोड ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर का भार फीडर और सब स्टेशन पर आ रहा है।
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रात 11 बजे के बाद बढ़ रही खपत
शहर में दोपहर के ज्यादा रात के समय में बिजली की मांग रहती है। शाम छह से रात दस बजे तक बिजली की मांग 630 मेगावॉट के करीब पहुंच है, जबकि रात 11 बजे के बाद 740 मेगावॉट से अधिक तक पहुंच जाती है।

इन क्षेत्रों की बढ़ाई जा रही क्षमता
जरीब चौकी, कल्याणपुर, बर्रा विश्व बैंक, नौबस्ता, विकासनगर, बिजली घर, आलू मंडी व फूलबाग सबस्टेशनों पर पिछले साल बिजली का संकट काफी ज्यादा था।यह समस्या सबसे ज्यादा नए विकसित क्षेत्रों में अधिक आ रही है।

एक हजार मेगावॉट तक सप्लाई तैयार
केस्को का गठन 14 जून 2000 को हुआ। तब से बिजली की मांग इतनी अधिक नहीं गई है। इस बार 763 मेगावॉट मांग पहुंच गई है, जबकि केस्को एक हजार मेगावॉट तक सप्लाई कर सकता है। अधिकारियों का दावा है कि इससे अधिक भी अगर जरुरत हुई तो आपूर्ति कराई जाएगी।
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वर्जन-
गर्मी और उमस के कारण बिजली उपकरणों पर लोड पड़ रहा है। इसी कारण बिजली की मांग मई महीने में तेजी से बढ़ी और 763 मेगावाट तक पहुंच गई है।
- देवेंद्र वर्मा, मीडिया प्रभारी केस्को
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