क्यूआर कोड के साथ जारी होने वाला लाइसेंस।
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कानपुर देहात। फर्जी खाद्य विक्रेता लाइसेंस, पंजीकरण के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देशानुसार अब क्यूआर कोड लगे प्रमाणपत्र जारी हो रहे हैं। इसे स्कैन करने पर खाद्य विक्रेता के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी।
खाद्य व्यवसाय के लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एफएसएसएआई ने नई व्यवस्था शुरू की है। क्यूआर कोड के जरिये डेटाबेस में खाद्य व्यवसाय संचालक के लाइसेंस और पंजीकरण का विवरण स्कैन कर देखा जा सकेगा। सहायक आयुक्त खाद्य के मुताबिक इससे किसी तरह के फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं होगी। प्रमाणपत्र पर क्यूआर कोड के 14 अंकों के पंजीकरण नंबर के साथ खाद्य विक्रेता की तस्वीर होगी।
साथ एफएसएसएआई ने फूड सेफ्टी कंप्लाइंस सिस्टम पोर्टल भी लांच किया है। जहां खाद्य कारोबारी व्यवसाय के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत कारोबारी भी अपने खाद्य कारोबार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। फूड सेफ्टी कनेक्ट एप भी दुकानों पर लगाए जाएंगे। बता दें कि कई दुकानदार मिलावटखोरी करते हैं। उनके पास लाइसेंस भी नहीं होता है। ग्राहकों को जानकारी न होने पर वह मिलावटी सामान खरीद लेते हैं। अब इस प्रक्रिया से ग्राहक जागरूक हाेंगे। साथ ही उन्हें किसी भी तरह की आशंका हुई तो वह क्यूआर कोड स्कैन कर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। विभाग को शिकायत कर सकेंगे। इसके बाद विभाग तत्काल संबंधित पर कार्रवाई करेगा।
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वर्जन-
एफएसएसएआई से जारी निर्देश के अनुसार सभी खाद्य विक्रेताओं के लाइसेंस व पंजीकरण क्यूआर कोड के साथ जारी किए जा रहे है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में सुविधा होगी। क्यूआर कोड को स्कैन करने से विक्रेता के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। - राम अवतार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य