भाजपा में ऊपर-ऊपर भले ही सब कुछ ठीक दिख रहा हो लेकिन अंदर से बात काफी बिगड़ी हुई है। विधानसभा सीटों पर टिकटों के वितरण को लेकर अभी तक जो कुछ हुआ है, उससे आपसी लड़ाई छिड़ी हुई है।
क्षेत्र में प्रचार के लिए निकल रहे कई प्रत्याशियों को पार्टी के लोगों का साथ नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं, प्रत्याशियों के अपनी ही पार्टी के लोगों के विरोध का शिकार होना पड़ रहा है। जो बात छनकर आ रही है, उसमें टिकट बंटवारे में जनपद के दोनों सांसदों को तवज्जो नहीं मिलने से नाराजगी और भी ज्यादा है। पता चला है कि कुछ भाजपाई शनिवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय भी विरोध दर्ज कराने पहुंच गए थे।
भाजपा में जिन सीटों पर सबसे ज्यादा विरोध बताया जा रहा है, उसमें भोगनीपुर, सिंकदरा, अकबरपुर रनिया और बिठूर का नाम शामिल है। कहा जा रहा है कि इन सभी सीटों पर दूसरी पार्टियों से आए लोगों को टिकट दे दिया गया है। चर्चा इस बात की भी है कि सिकंदरा सीट पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले अपने भाई को चुनाव मैदान में उतारना चाह रहे थे। लेकिन उनकी भी नहीं सुनी गई।
इसी तरह शहर की कुछ सीटों को लेकर भी सांसद मुरली मनोहर जोशी को तवज्जो नहीं मिलने की बात की जा रही है। इस वजह से भी टिकट चाहने वाले और उनके समर्थकों की नाराजगी अभी तक दूर नहीं हो पा रही है। टिकट घोषित होने के बाद जो भी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में गए वहां भी उनके विरोध की खबरें आ रही हैं। क्षेत्रीय इकाई अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह का कहना है कि कुछ सीटों पर दिक्कत आ रही है, कार्यकर्ताओं को समझा लिया जाएगा। कुछ दिनों में नाराजगी दूर कर दी जाएगी।