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जेल अधीक्षक व स्टाफ पर हत्या की रिपोर्ट

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कानपुर देहात। मासूम से दुष्कर्म में बीस साल की सजा पाए कैदी की जेल में फांसी लगाकर मौत के मामले में जेल अधीक्षक व स्टाफ पर मृतक के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इधर, तीन डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में फांसी लगने से मौत की बात सामने आई है।
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बरौर के अंगदपुर निवासी आशीष शर्मा (27) डेेरापुर के एक गांव में डीजे लगाने गया था। वहां 6 फरवरी 2016 को शादी वाले घर की एक मासूम से दुष्कर्म में उसे आरोपी बनाया गया। इसके बाद से वह जेल में था। दो वर्ष पूर्व अच्छे चाल चलन पर उसे लंबरदार (राइटर) बनाया गया था। वह जेल कार्यालय में काम करता था। बीते वर्ष 3 दिसंबर को उसे कोर्ट ने बीस साल की सजा सुनाई थी। रविवार सुबह प्रथम तल पर स्टोर में रजाई की खोल का फंदा बनाकर पंखे से उसने फांसी लगा ली थी। कुछ देर में पहुंचे जेल कर्मियों ने उसे फंदे से उतार कर जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इधर सूचना पर पहुंचे परिजनों ने डीएम आवास के बाहर हो हल्ला किया। उन्होंने आशीष की हत्या का आरोप लगाया। इसपर वीडियोग्राफी के बीच तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। देर रात मृतक के पिता की तहरीर पर कोतवाली में जेल अधीक्षक व स्टाफ पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जेल प्रशासन प्रताड़ित करता है जेलर से है खतरा
कानपुर देहात। मृतक कैदी आशीष के पिता संदीप कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि जब भी वह जेल में बेटे से मिलने जाते थे, तो बेटा जेल प्रशासन की प्रताड़ना के बारे में बताता था। उसने जेलर आदि से खतरा होने की बात कही थी। इसके बाद अचानक उसकी मौत की खबर मिली। देखने से चोटों के निशान साफ दिख रहे हैं, इससे हत्या की आशंका है।
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