कानपुर देहात। जिले में गुरुवार को सुबह से धुंध छाई रही। अधिकतम तापमान सामान्य से 7.6 डिग्री लुढ़क कर 15.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इससे दिन में धूप नहीं निकली। गलन बढ़ने और शीतलहर चलने से लोग दिन भर ठिठुरते रहे। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। सर्दी के कारण 20 दिसंबर तक जनपद के 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।
कड़ाके की सर्दी के साथ घने कोहरे की भी मार शुरू हो गई है। ठंड की वजह से लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। बाजार व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। दृष्यता कम होने के कारण हाईवे पर वाहन दिन में लाइट जलाकर रेंगते नजर आए। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय के कृषि मौसम तकनीक अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। दिन में 3.4 किमी प्रति घंटा गति से उत्तर पश्चिम हवा चलती रही। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार उत्तर पश्चिम हवा चलने के कारण सुबह व शाम घना कोहरा रहेगा। कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।
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परिषदीय स्कूलों की हुई छुट्टी
ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर बीएसए अजय कुमार मिश्रा ने परिषदीय स्कूलों की छुट्टी की है। बीएसए अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि घना कोहरा व ठंड अधिक पड़ने के कारण कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी स्कूल 20 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक बृजभूषण सिंह ने बताया कि सभी शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, स्ववित्त पोषित, हाईस्कूल और इंटर समस्त बोर्ड के स्कूल 20 दिसंबर तक बंद रहेंगे। सोमवार को स्कूल अपने निर्धारित समय पर खुलेंगे। यदि मौसम खराब रहा तो आदेश में बदलाव किया जा सकता है।
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तीन दिन पड़ेगा अधिक कोहरा
सीएसए के कृषि मौसम तकनीक अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक जिले में अत्यधिक घना कोहरा व कड़ाके की ठंड रहेगी। शीतलहर चलने की संभावना है। इसको देखते हुए जिले में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इधर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने ठंड को देखते हुए सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने व ठंड से बचाव के इंतजाम करने के लिए तहसील, ब्लॉक, नगर निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
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फसलों को बचाने के लिए करें हल्की सिंचाई
चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कृषि मौसम तकनीक अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि घना कोहरा व शीत लहर चलने से पाला पड़ने की संभावना है। ऐसे में किसानों को फसल बचाने के लिए फसलों की हल्की सिंचाई करनी चाहिए। साथ ही गंधक के तेजाब का (0.1% का घोल 1 लीटर सल्फर एसिड व 1000 लीटर पानी प्रति हेक्टेअर) फसलों पर छिड़काव करें। नर्सरी के पौधों, सब्जियों और छोटी फसलों को टाट, प्लास्टिक, पॉलिथीन सीट से ढंककर रखें। खेत के किनारों पर हवा आने वाली दिशा उत्तर-पश्चिम में टटियां (बाड़) लगाने से ठंडी हवाओं का सीधा असर कम हो जाता है। पाले के दिनों में खेत की निराई-गुड़ाई एवं जुताई करने से बचें। सभी पशुपालक अपने पशुओं को रात के समय खुले स्थान पर न बांधे।