जाड़े के मौसम में महानगर से कई प्रमुख शहरों के लिए शुरू होने वाली हवाई सेवाओं के लिए चकेरी एयरपोर्ट नए सिरे से तैयार किया जाएगा। यहां पर मौसम के हिसाब से कई सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने काम शुरू कर दिया है। आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) को नए सिरे से स्थापित किया जाएगा। फिलहाल इसकी मरम्मत का काम चल रहा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से जारी जाड़े में संचालित किए जाने वाले के हवाई जहाजों के शेड्यूल के अनुसार 28 अक्तूबर से 30 मार्च के बीच सात हवाई जहाजों का संचालन किया जाएगा। चकेरी एयरपोर्ट से एक ही दिन में पांच हवाई जहाज अलग-अलग समय पर अलग-अलग स्थानों के लिए उड़ेंगे।
डेमो पिक
15 नवंबर से हवाई जहाजों की संख्या छह और 20 नवंबर से सात हो जाएगी। इसके लिए अथॉरिटी की तरफ से एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। जाड़े में धुंध होने की स्थिति में जहाज रनवे पर आसानी से उतर सकें, इसके लिए आईएलएस अपडेशन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी।
एयरपोर्ट पर आईएलएस पहले से ही लगा हुआ था, हवाई जहाजों की संख्या बढ़ने और यात्रियों की आवाजाही में इजाफा होने की वजह से इस बार इसे और बेहतर किया जा रहा है।
बीच में आईएलएस में कुछ खराबी आ गई थी, जिसे ठीक किया जा रहा है। इसी तरह एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैठने के लिए 200 सीट का वेटिंग रूम में भी तैयार किया जा रहा है।
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जाड़े में यात्रियों की संख्या बढ़ने की वजह से सामान लाने की ट्रालियां, आवाजाही की सुविधा, वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। अथॉरिटी निदेशक जमील खालिक ने बताया कि इन सभी सुविधाओं के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर काम शुरू किया जा रहा है।
आठ किलोमीटर सड़क निर्माण भी प्रक्रिया में
जाजमऊ और अहिरवां से एयरपोर्ट को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए आठ किलोमीटर की एप्रोच रोड का निर्माण भी किया जाना है। 100 करोड़ बजट से बनने वाली इस सड़क का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।