कानपुर के पांच हजार से अधिक हवाई यात्रियों का एयरलाइंस कंपनियों के पास जमा किराया वापस मिलने की उम्मीद बंधी है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसे बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
ये वे यात्री हैं, जिनकी लॉकडाउन में फ्लाइट निरस्त हो गई थी लेकिन किराया अभी तक वापस नहीं मिला है। किराया न लौटाने की बात पर कंपनियों ने कहा था कि पैसा वेबसाइट के वॉलेट में डाल दिया गया है। यात्री जब दोबारा यात्रा करेंगे तो उसी वॉलेट से उनकी टिकट बुक हो जाएगी। इसके खिलाफ एयर पैसेंजर एसोसिएशन ने याचिका दाखिल की है। जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है।
कुछ लोग दोबारा नहीं करना चाहते यात्रा
तमाम ऐसे यात्री हैं जो ट्रैवेल एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि वे दोबारा सफर नहीं करेंगे, उन्हें उनका पैसा वापस चाहिए। माल रोड स्थित अवध टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी के मालिक शारिक अल्वी ने बताया कि जो लोग नौकरी करने के लिए खाड़ी देश जाना चाहते हैं, उनका पैसा कंपनी के पास जमा होने से उन्हें परेशानी नहीं है लेकिन जिन लोगों ने घूमने का मन बनाया था, वे अब पैसा वापस चाहते हैं। इस संबंध में जल्द ही डीजीसीए के किसी आदेश पर एयरलाइंस कंपनियां कोई फैसला ले सकती हैं। कानपुर और आसपास के जिलों के करीब पांच हजार ऐसे लोग हैं, जिनका पैसा जमा है।