विधिक राय लेकर की जाएगी आगे की कार्रवाई
इसके बाद एक दरोगा ने मौके पर पहुंच कर जांच की। सार्दी वर्दी में आरोपी बालक से बात की। थाना प्रभारी ने बताया कि पीडि़त बच्ची और आरोपी बालक को डॉक्टरी परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। सात साल से कम उम्र का बच्चा अगर कोई अपराध करता है, तो वह अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। फिर भी विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।