उन्नाव के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात हुए हादसे में पांच लोगों की मौत की घटना में मृतक आशीष के परिजनों ने साजिश रच हत्या का आरोप लगाया है।
उन्नाव के फतेहपुर चौरासी में गुरुवार रात बोलेरो की टक्कर से दो बाइक सवार पांच लोगों की मौत पर शुक्रवार को हंगामा होता रहा। हादसे में भाजपा कार्यकर्ता की मौत से गुस्साए परिजनों ने मुआवजा राशि बढ़ाने और हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर शव रखकर जाम लगा दिया। तीन घंटे चले हंगामे के बीच हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिजन सड़क से हटे।
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पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है। हादसे में एक परिवार के पिता-पुत्र व पौत्र की मौत पर बोलेरो चालक पर लापरवाही से वाहन चलाकर टक्कर मारने, आशीष व उसके रिश्तेदार की मौत पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। कालीमिट्टी-दबौली मार्ग पर डाक बंगला के पास गुरुवार देर शाम तेज रफ्तार बोलेरो ने दो बाइक व एक साइकिल को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार एक ही परिवार के काजीपुर बंगर गांव निवासी राकेश, उसके पिता राजाराम व इकलौते बेटे रितिक (5) व दूसरी बाइक पर सवार भाजपा कार्यकर्ता आशीष व उसके रिश्तेदार सौरभ की मौत हो गई थी।
मृतक आशीष का रिश्तेदार मोहित, मृतक राकेश का भाई संदीप व बोलेरो सवार दीपक घायल हो गया था। मृतक राजाराम के भाई रामसजीवन की तहरीर पर बोलेरो चालक के खिलाफ पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाकर टक्कर मारने की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पोस्टमार्टम के बाद राकेश, राजाराम व रितिक के शव का परिजनों ने सरैया गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। सौरभ के शव को लेकर परिजन हरदोई चले गए।
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पोस्टमार्टम के बाद आशीष के शव को ले जाकर परिजनों ने उन्नाव-हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। परिजनों ने मुआवजा बढ़ाने व हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। मृतक आशीष के पिता कृष्णकुमार ने आरोप लगाया कि उनकी व उनके बेटे की बढ़ती सामाजिक लोकप्रियता पर बेटे की जानबूझकर वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई।
जाम व प्रदर्शन की सूचना पर बांगरमऊ, सफीपुर व फतेहपुर चौरासी थानों का पुलिस पहुंची। परिजनों को समझाने की कोशिश शुरू की गई। तीन घंटे बाद एडीएम राकेश कुमार, एएसपी शशिशेखर सिंह व क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत के समझाने व बोलरो के अज्ञात चालक पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद परिजनों ने शव को सड़क से हटा लिया और सरैया घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
पति, बेटे व ससुर का शव देख बेहाल
सड़क हादसे में ससुर राजाराम पाल, पति राकेश व इकलौते बेटे रितिक का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो शव देख सीमा बेहाल हो गई। चीखपुकार के बीच मौजूद ग्रामीणों की आंख भी नम हो गई। सुहाग उजड़ने के बाद सीमा को अब तीन बच्चियों कागज, मुस्कान व निधि की परवरिश की चिंता है। वहीं मृतक राजाराम की वृद्ध पत्नी सोनेश्वरी पति बेटे और पौत्र का शव देख बेहाल हो गई।
तीन भाई-बहनाें में छोटा था आशीष
भाजपा कार्यकर्ता आशीष की मौत पर परिवार में गम का माहौल है। आशीष तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसका शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। मां विमला व अन्य भाई-बहनों के साथ ही पिता बदहवास हो गए। अचानक हुई इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पिता ने वापस की दो लाख की चेक
गुरुवार को हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों को दो-दो लाख व घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतक राजाराम की पत्नी सोनेश्वरी को दो लाख की चेक दी। राकेश व उसके बेटे रितिक की मौत पर पत्नी सीमा को चार लाख की चेक दी। राकेश के घायल भाई संदीप को 50 हजार की चेक दी। आशीष के पिता कृष्णकुमार ने चेक लेने से इनकार कर दिया।
नहीं हो सका रात में पोस्टमार्टम
पुलिस की सुस्ती से रात में शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। डीएम के निर्देश पर रात्रि में पोस्टमार्टम के लिए सीएमओ ने मौरावां के कोविड एल-वन में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर व अन्य पोस्टमार्टम के स्टॉफ को बुला लिया पर पुलिस पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी नहीं कर पाई। इससे डॉक्टर व अन्य स्टॉफ को पोस्टमार्टम हाउस में रात बितानी पड़ी। सुबह पंचायतनामा के कागजात पहुंचने पर शवों का पोस्टमार्टम शुरू किया गया।