बिहार से पांच दिन में पहुंचे कानपुर
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बिहार के बेतिया से पांच मजदूर लगभग 500 किमी की पैदल यात्रा कर कानपुर पहुंचे। नौबस्ता चौराहे पर बुधवार को खाना खाने को खाना खाया। इसमें से एक को बुखार भी आ गया। इन्हें छतरपुर जाना है।मूलरूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर में रहने वाले चंद्रकमल, उदयभान, दीपक, सोहन और रूपनारायण बिहार के बेतिया में प्लांट में मजदूरी करते हैं।
उन्होंने बताया कि 24 मार्च को प्लांट पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके बाद मालिक ने उन्हें चार हजार रुपये देकर जाने को कहा। कोई साधन न मिलने पर वह शार्टकट के चक्कर में बेतिया के जंगल और नदियों को पार करते हुए गोरखपुर पहुंचे। रास्ते में मिलने वाले गांव में लोगों ने खाना खिलाया। गोरखपुर से बस्ती फिर ट्रक से लखनऊ पहुंचे। वहां से पैदल कानपुर।
अब हिम्मत जवाब दे गई है। छतरपुर तक करीब 168 किमी का सफर अभी बाकी है। उदयभान को तेज बुखार आने के कारण सभी ने नौबस्ता चौराहे पर ही छाया में बैठ कर आराम किया। एक पोस्टर पर लिखे एंबुलेंस के नंबर पर कॉल किया तो एंबुलेंस के ड्राइवर ने उदयभान को पास के मेडिकल स्टोर से बुखार की दवा दिलवा दी और चला गया।