कन्नौज के उमर्दा में हादसे का कारण अफसरों की लापरवाही रही है। पिछले हादसों के बाद भी सुध नहीं ली गई थी। करीब 11 महीने पहले गंग नगर पुलिया से कार नहर में गिरने से दूल्हा समेत तीन की मौत हो गई थी। दो साल पहले भी एक लोडर नहर में गिरा था। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी।
इन दो हादसों के बाद भी अफसरों ने न तो सड़क के चौड़ीकरण की ओर ध्यान दिया और न ही पुलिया की मरम्मत कराई। सड़क कई जगह से कटी हुई है। इससे खतरा और बढ़ गया है। लापरवाही भरे इस रवैये से एक और हादसा हो गया।
20 अप्रैल 2019 को औरैया के अछल्दा थाने के गांव पदमपुर निवासी कमल सिंह की बरात ठठिया के मचुआपुर गांव आ रही थी। उमर्दा पुल के पास कार अनियंत्रित होकर निचली गंग नहर में चली गई। हादसे में दूल्हा कमल सिंह, बाबा श्रवण कुमार व एक रिश्तेदार की डूबने से मौत हो गई थी।
इसके अलावा दो साल पहले एक लोडर के नहर में गिरने से बच्चे की मौत हो गई थी। हादसे से सबक न लेने और लापरवाही भरा रवैया रखने के कारण एक और हादसा बुधवार को सामने आ गया। बुधवार को हुए सड़क हादसे के पीछे लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही समाने आई है।
कटान के कारण कई जगहों पर सिर्फ तीन मीटर चौड़ी बची है। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। नहर मरम्मत का काम करने वाले ठेकेदार ने मिट्टी खोदकर नहर किनारे जमा कर दी। यह हादसे की बड़ी वजह बना।
दरअसल बाइक सवार के सामने आने पर कार चला रहे गौरव ने सड़क को मिट्टी पर उतारा तो रफ्तार होने के कारण कार मिट्टी में अनियंत्रित हो गई। कुछ दूरी पर मिट्टी के धंसने से कार नहर में पलट गई।
नहर में है चार हजार क्यूसेक पानी
जिले की सीमा में 58 किलोमीटर तक निचली गंग नहर 30 मीटर की चौड़ाई में करीब चार हजार क्यूसेक पानी की क्षमता से बहती है। विश्व बैंक पोषित परियोजना के तहत करीब 3.70 करोड़ की लागत से नवंबर 2019 से मरम्मत का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था की ओर से नहर के किनारे झाड़ियों को हटाकर काफी कटान कर दिया गया।
इससे डामर की सड़क की चौड़ाई करीब पांच मीटर से घटकर तीन मीटर हो गई। इससे अब चार पहिया वाहन भी मुश्किल से गुजर पाते हैं। यहीं वजह रही कि बुधवार सुबह बाइक को बचाने के प्रयास में सकरी सड़क से सिपाही गौरव की कार नहर में पलट गई।
निचली गंगा नहर किनारे कंसुआ, हसेरन, बरौली, उदइयापुर, कछपुरा, कटैया, बहोसी, रावतपुर, कल्यानपुर, उमर्दा, खैरनगर समेत करीब 120 गांव के 10 हजार से ज्यादा लोगों का वाहनों से आना-जाना होता है। कई बार लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद भी इस सड़क को चौड़ा नहीं किया गया। सिंचाई विभाग के अभियंता पारस नाथ ने बताया कि सफाई और मरम्मत के दौरान सड़क को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मार्ग सुरक्षित है।