कानपुर के बिकरू कांड में एसआईटी की जांच में फंसे पांच सीओ रिटायर्ड हो चुके हैं। उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी ये अफसर भी तय नहीं कर पा रहे हैं। इन सभी को विभाग से रिटायर्ड हुए चार साल से अधिक का समय हो गया है।
नियमानुसार चार साल की अवधि बीतने के बाद अफसरों पर वित्तीय अनियमितातओं के अलावा अन्य किसी मामले में विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकती। सवाल है कि आखिर इन दोषी सीओ पर क्या कार्रवाई होगी। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। कार्रवाई शासन तय करेगा।
जांच में फंसे 11 सीओ में से दो में केवल कार्यकाल शब्द लिखा है जिसमें बृज सिंह नाम के सीओ को चिन्हित किया गया लेकिन शासन तक उनका रिकॉर्ड नहीं मिला है। वहीं फंसे एक पीपीएस आईपीएस हो चुके हैं। अन्य में से केवल एक के बयान बाकी हैं। दो सप्ताह में जांच पूरी होने की संभावना है।