कानपुर देहात। नगर निकायों में टोटी से हो रही जलापूर्ति कितनी सुरक्षित है। इसकी जांच में चार निकायों की तवज्जो नहीं हैं। प्रभारी अधिकारी निकाय के अल्टीमेटम पर पांच अन्य निकायों ने पानी की जांच कराई है। चार निकाय पहले ही पानी की जांच करा चुके हैं मगर चार निकाय ऐसे हैं जिन्होंने पानी की जांच नहीं कराई है।
इंदौर में जनवरी में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद डीएम ने 4 जनवरी को सभी निकायों को पानी की जांच कराने और परीक्षण रिपोर्ट सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। जिले में कुल तेरह नगर निकाय है। करीब 40 हजार घरों में पाइप लाइन के जरिये जलापूर्ति का प्रबंध है। डीएम व प्रभारी अधिकारी निकाय के निर्देश पर 8 फरवरी तक केवल अकबरपुर, पुखरायां, अमरौधा व राजपुर निकायों ने ही पानी की जांच कराई। माती स्थित जल निगम की प्रयोगशाला में इन चार निकायों चौदह पानी नमूनों की जांच हुई। सभी नमूने सुरक्षित पाए गए।
इधर झींझक, रूरा, शिवली, रनियां, सिकंदरा, मूसानगर, डेरापुर व रसूलाबाद नगर निकायों ने कोई पानी नमूना की जांच नहीं कराई। अमर उजाला ने यह मुददा उठाया। इसपर प्रभारी अधिकारी निकाय/एडीएम न्यायिक दिग्विजय सिंह ने 9 फरवरी को लापरवाही करने वाले निकायों के ईओ से नाराजगी जताई और पानी नमूना लेकर माती जल निगम प्रयोगशाला भेजने का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद रनियां व झींझक नगर निकाय ने पांच-पांच पानी नमूने जल निगम की प्रयोगशाला भेजे। सिकंदरा नगर निकाय ने तीन पानी नमूनों की जांच कराई। वहीं, शिवली व रूरा नगर निकाय ने केवल एक-एक पानी नमूना की जांच कराई। जांच में पानी सुरक्षित पाया गया है। इधर कंचौसी, मूसानगर, डेरापुर व रसूलाबाद निकाय ने पानी नमूना जांच के लिए नहीं भेजा है।
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वर्जन..............
बीते दिनों समीक्षा में नगर निकायों के ईओ को पानी की जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। अब कुल नौ निकायों ने पानी की जांच करा ली है। चार अन्य निकायों के ईओ से जानकारी ली जाएगी। लापरवाही पर संबंधित का स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। - दिग्विजय सिंह, प्रभारी अधिकारी निकाय
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सिकंदरा निकाय ने कराई लाभार्थी के पानी की जांच
पानी का नमूना लाभार्थी की टोटी से लिया जाना चाहिए। अब तब पुखरायां, अमरौधा, अकबरपुर, राजपुर, रनियां, झींझक, शिवली व सिकंदरा ने पानी नमूनों की जांच कराई है। इसमें सिकंदरा नगर निकाय ने दो पानी के नमूने ओवर हेड टैंक व एक नमूना लाभार्थी की टोटी से लेकर भेजा। अन्य निकायों के पानी नमूने या तो नलकूप के हैं या फिर ओवर हेड टैंक से लिए गए हैं। इससे घरों में हो रही जलापूर्ति में पानी की गुणवत्ता पर संशय बना है।