कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन ‘को-वैक्सिन’ की पहली डोज का पहला ट्रायल शनिवार को पूरा हो गया। 33 वॉलंटियर (शुक्रवार को 22 व शनिवार को 11 लोग) को वैक्सीन की .5 एमल की पहली डोज दी गई। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं।
अब इन वॉलंटियर को 14 दिन बाद बुलाया गया है। दो सप्ताह बाद एंटीबॉडीज जांच के लिए पहले इनका ब्लड सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद वैक्सीन की एक एमएल की दूसरी डोज दी जाएगी। दूूसरी डोज के 14 दिन बाद फिर एंटीबॉडीज की जांच होगी।
आर्य नगर स्थित प्रखर अस्पताल में शनिवार को 11 वॉलंटियर को डोज दी गई। साइड इफैक्ट देखने के लिए इन्हें दो घंटे तक रोका गया। लेकिन किसी में ऐसे कोई लक्षण नहीं उभरे। वहीं जिन 22 लोगों को शुक्रवार को डोज दी गई थी, उनसे फीड बैक लिया गया।
प्रखर अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि किसी भी वॉलंटियर को दिक्कत नहीं है। उम्मीद है कि वैक्सीन का परीक्षण सफल है। यह देश के लिए गौरव की बात होगी। पूरा विश्व कोरोना की वैक्सीन पर निगाह लगाए हुए है। 28 दिन बाद वैक्सीन के ट्रायल का अंतिम नतीजा आ जाएगा।