अलग-अलग घाटों पर अंतिम संस्कार किया
तीसरे नंबर की बेटी विनीता का सात साल पहले शहर के पीडीनगर मोहल्ला निवासी विशाल के साथ विवाह हुआ था। विशाल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। मृतक के पिता त्रिलोकीनाथ अवस्थी इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। बेटे की मौत से मां मीरा व अन्य परिजन बेहाल हैं। परिजनों ने दोनों का अलग-अलग घाटों पर अंतिम संस्कार किया।
उजड़ा मां और बेटी का सुहाग
ससुर और दामाद की मौत से एक साथ दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। पिता की मौत की सूचना पर पहुंची बेटी विनीता और अन्य परिजन गम को भुला भी न पाए थे कि विशाल की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। विनीता मायके से पति के साथ सीधे कार्डियोलॉजी पहुंच गई।
सभी की आंखों में आंसू छलक पड़े
वहां डॉक्टर ने जैसे ही पति को मृत घोषित किया वह बदहवास हो गई, जिसे भी घटना की जानकारी हुई सभी की आंखों में आंसू छलक पड़े। पल भर में ही एक साथ दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। कृष्णकुमार की पत्नी सुशीला ने पहले अपना फिर अपने ही पति की मौत पर आई बेटी का सुहाग उजड़ा देखकर बेहाल हो गई।