कानपुर में टेनरियों की तालाबंदी खुलने के बाद शनिवार को जारी की गई पहली जांच रिपोर्ट में सभी 101 टेनरियों में मानके अनुरूप उत्पादन होते पाया गया। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) टेनरियों की तालाबंदी खुलने के बाद 60 दिन तक विशेष मॉनीटरिंग करेगी। 30 दिन का समय 28 अगस्त को पूरा हो रहा है। इन टेनरियों का संचालन मानक के अनुसार होने पर ही बाकी बंद 60 टेनरियों की तालाबंदी खुलेगी।
इस जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने पीसीबी, टेनरी संचालक और जल निगम के साथ जिला मुख्यालय में बैठक भी की। इसमें टेनरियों के साथ गंगाजल की गुणवत्ता की रिपोर्ट भी पीसीबी ने रखी। इसमें बीओडी (बायो डिजॉल्व आक्सीजन) की मात्रा सामान्य पाई गई। यह इस वजह से भी है कि अभी गंगा का जल स्तर काफी बढ़ा हुआ है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि इसी तरह आगे भी टेनरियों का संचालन रखना पड़ेगा। अन्यथा इस बार स्थायी रूप से बंदी की कार्रवाई हो सकती है।
बैठक में जल निगम अधिकारियों ने बताया कि काफी टेनरियों के बंद होने और सीवर सफाई की वजह से कई नालों को गंगा में खोलने की वजह से ट्रीटमेंट प्लांट को निर्धारित मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे संचालन में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी को एक पत्र लिखकर शासन से इस मसले पर बात करने को कहा गया है।
60 टेनरियों की रिपोर्ट तैयार
जाजमऊ में स्थापित 101 टेनरियों की तालाबंदी खुलने के बाद 60 और टेनरियों की रिपोर्ट तैयार है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में इस रिपोर्ट को अभी रखा गया है। खोली गई टेनरियों के 60 दिन पूरे होने के बाद बाकी 60 टेनरियों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद इन बंद टेनरियों के खोलने पर विचार विमर्श होगा।