उत्तर मध्य रेलवे के झांसी प्रयागराज मार्ग पर स्थित बांदा- मानिकपुर रेल रूट के ओहन रेलवे स्टेशन के जंगल में लगी आग दूसरे दिन भी रेलवे ट्रैक के आसपास जल रही है। आग का दायरा बढ़ते हुए बांसा पहाड़ रेलवे स्टेशन के करीब जंगल तक पहुंच गया है। दो दिन की आग से रेलवे की 16 किमी के दायरे की केबल जल गई है, जिसमें लगभग 24 लाख रुपये के नुकसान का आकलन है।
शुक्रवार को ओहन रेलवे लाइन के पास लगी आग को बुझा दिया गया है। शुक्रवार को ट्रेनों के संचालन पर असर नहीं पड़ा। यह जरूर है कि आग का दायरा फैलते हुए बासा पहाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। यहां पर मानिकपुर- सतना रूट से की रेलवे ट्रैक गुजरती है।
जिससे रोजाना आधा सैकड़ा से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। जिससे पहले से ही रेलवे विभाग के अधिकारी सतर्क हो गये है। ज्ञात हो कि गुरुवार को ओहन रेलवे स्टेशन के पास जंगलों में लगी भीषण आग धीरे-धीरे कर स्टेशन के पास स्थित रेल लाइन तक पहुंच गई थी।
जिससे रेलवे ट्रैक के केबल सहित सिग्नल की मशीनें जल गईं थी। जिससे चार घंटे से अधिक समय तक ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया था। आग लगने की घटना से ट्रेनें भी प्रभावित हुई। घटना के दूसरे दिन भी रेलवे ट्रैक के आसपास आग लगी रही। जो फैलते फैलते बॉसा पहाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। यहां भी पहाड़ के आसपास रेलवे ट्रैक पर नजर बनाए रखने के लिए रेलवे कर्मचारी लगाए गए हैं। आरपीएफ जीआरपी की टीम भी लगी है।