कानपुर में हरबंश मोहाल के गड़रिया मोहाल में गगन प्लाजा अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर बने सुशील कुमार साहू और पुरषोत्तम के बारदाना गोदाम में शार्ट सर्किट से आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने बगल के तीन मकान, एक बिजली मैकेनिक की दुकान, एक स्कूटर व एक मोपेड को चपेट में लिया।
मौके पर पहुंची आधा दर्जन दमकल की गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि गली संकरी होने की वजह से पहुंचने में बड़ी दिक्कत हुई।लाटूश रोड फायर स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र कुमार चौबे ने बताया कि तीन मंजिला अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर आगे की ओर बारदाना गोदाम है।
पीछे के हिस्से में नरेश कुमार गुप्ता की चाट की दुकान है। अपार्टमेंट के बगल वाली चार फीट की गली में भी बारदाना लगा था। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे शार्ट सर्किट से गली में रखे बारदाने से आग शुरू हुई। लपटों ने बालकनी में लगे माल, उसके पीछे के कमरों में लगे बोरों को भी चपेट में ले लिया।
इसके बाद अपार्टमेंट के सामने शशि त्रिपाठी के मकान के ग्राउंड फ्लोर के दोनों कमरों में रखे घरेलू सामान, बालकनी में रखे बोरे, बाहर खड़ी स्कूटर, लाल बंगला निवासी मोटर बाइंडिंग कारीगर राम सजीवन की दुकान और मोपेड, गुड्डू के सैलून की दुकान, दीपक केजरीवाल, हरिओम और सुमित के घर का भी चपेट में आ गया। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से आबादी के बीच गोदाम चलाया जा रहा था। नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।
अपार्टमेंट में फंसे लोगों को पीछे के रास्ते से निकाला
आग की सूचना पर पहुंची हरबंशमोहाल, कलक्टरगंज समेत आसपास के कई थानों की फोर्स ने अपार्टमेंट में फंसे टेंट कारोबारी हरिओम, डॉ. विनय वर्मा समेत नौ परिवारों को सुरक्षित पीछे के रास्ते से बाहर निकाला। इसके अलावा दमकल कर्मियों ने पड़ोसी राम खिलावन शुक्ल, अतुल कुमार सिंह, शशि त्रिपाठी के मकान को एहतियातन खाली कराया।
रात के वक्त लगती आग तो होती मुश्किल
अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ था, उस दौरान अधिकांश लोग घरों के बाहर थे। पूरे क्षेत्र में धुएं से लोगों को परेशानी हुई। अगर यह हादसा देर रात हुआ होता तो र्कई की जान खतरे में पड़ जाती।