यूपी के उन्नाव जिले में गुरुवार को दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के गैस रीफिलिंग प्लांट में गैस रिसाव के बाद लगी भीषण आग से भगदड़ मच गई। जानकारी मिलते ही कई थाने की फोर्स व दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची।
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उन्नाव शहर से पांच किमी दूरी पर दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एलपीजी गैस भराई संयंत्र (बॉटलिंग प्लांट) के टीटीगेंट्री (ट्रक-टैंकर अनलोडिंग सेक्शन) के एमएसवी बुलेट में गैस टैंकर से गैस अनलोडिंग के दौरान अचानक फिटर का वॉल टूटने से तेज गैस रिसाव के बाद आग लग गई। अचानक टैंकर के टायर फटने व तेज विस्फोट से प्लांट के परिचालन अधिकारी समेत चार कर्मी झुलस गए।
उन्नाव एचपी गैस के प्लांट में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
जबकि एक कर्मी के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। तीन घायलों को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि दो का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। आपातकालीन सायरन बजने से प्लांट के साथ आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। मौजूद लगभग 300 कर्मियों में भगदड़ मच गई। डीएम, एसपी व अन्य अधिकारी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
जिले के अलावा लखनऊ व कानपुर की दमकलों को भी बुलाया गया। गैस प्लांट में आग लगने से क्षेत्र में हाई अलर्ट कर दिया गया। आसपास के गांवों को खाली करा दिया गया। दो दर्जन से अधिक फैक्टरियों और स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई। तेज लपटे उठने से करीब आधा घंटे तक लखनऊ-कानपुर हाईवे और कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग को भी बंद कर दिया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
एचपी गैस के प्लांट में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान पांच घंटे लोग दहशत में रहे। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे हिंदुस्तान पेट्रोलियम के गैस भराई प्लांट में एक साथ 8 गैस टैंकर (कैप्सूल) अनलोडिंग के लिए गेट से अंदर घुसे। तौल के बाद यह गैस टैंकर सीधे टीटीगेंट्री पहुंचे। करीब 10 बजे एमएसवी बुलेट में रिफिलिंग के दौरान अचानक वॉल्व फटने से तेजी के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया और पलक झपकते ही आग लग गई।
आग से परिचालन अधिकारी पुलस्ती कुमार, फिटर, आशिफ, सुभाष, शैलेंद्र झुलस गए, वहीं मेंटीनेंस कर्मी जितेंद्र का का दाहिना हाथ टूट गया। भगदड़ के बीच प्लांट के ऑटोमैटिक पानी मॉनीटर चलाकर फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। अग्निशमन अधिकारी शिवरदरश प्रसाद टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।
मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
कुछ देर बाद डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय व एसपी एमपी वर्मा दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कई अन्य थानों का भी फोर्स बुला लिया गया। गैस प्लांट से आग की ऊंची लपटें और धुआं का गुबार उठता देख आसपास के झंझरी, गढ़ी, टीकर समेत छह से अधिक गांव खाली करा दिए गए। आसपास की फैक्टरियों के कर्मियों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया। यहां तक लखनऊ-कानपुर हाईवे का आवागमन भी आधा घंटा रोक दिया गया।
आग बुझाने के लिए लखनऊ व कानपुर से भी दमकल गाड़ियां बुला ली गईं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 12 बजे करीब आग की लपटों पर काबू पा लिया गया। हालांकि प्लांट की अन्य मशीनें गर्म होने और आग व विस्फोट के खतरे को देखते हुए पूरे संयंत्र को ठंडा करने का काम कई घंटे चलता रहा। इसके लिए लखनऊ से एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचनदल) 20 सदस्यीय टीम पहुंची।
दोपहर 1:30 बजे कमिश्नर मुकेश मेश्राम व आईजी एसके भगत गैस प्लांट पहुंचे और स्थितियों का जायजा लिया। दोपहर 2:30 बजेप्लांट से बाहर निकले कमिश्नर और आईजी ने आग बुझ जाने और स्थिति खतरे से बाहर होने की जानकारी दी।
दोनों अधिकारियों ने जिला प्रशासन की सतर्कता और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की तारीफ भी की। दोपहर बाद करीब 3:15 बजे डीएम-एसपी वहां से निकले। हादसे के दौरान लोग टेलीफोन और सोशल मीडिया के जरिए भी स्थिति का जायजा और अपनों का हालचाल लेते रहे।