लखनऊ-कानपुर हाईवे पर कानपुर के कांशीराम अस्पताल की 108 एंबुलेंस अचानक आग का गोला बन गई। इससे अफरातफरी मच गई। पांच ऑक्सीजन सिलिंडर में एक के फटने से आग बुझाने में दमकल को मशक्कत करनी पड़ी।
एबुलेंस में 108 के वर्कशॉप का सामान व 30 टायर भरे थे। सामान व 20 टायर एंबुलेंस के साथ जलकर राख हो गये। एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान हाईवे के एक लेन का आवागमन बाधित रहा।
वाहनों को दूसरे लेन से निकाला गया। कानपुर के कांशीराम अस्पताल की 108 एंबुलेंस का चालक श्रीपाल हरदोई के बिलग्राम के नवमलिकपुर निवासी साथी जितेंद्र यादव के साथ अस्पताल से एक मरीज को लेकर लखनऊ पीजीआई लेकर गया था।
मरीज को छोड़ने के बाद उसने लखनऊ के 108 के वर्कशॉप से चौपहिया वाहनों के 30 टायर, कूलेंट, ब्रेक ऑयल समेत अन्य सामान एंबुलेंस में रखा और कानपुर के लिए निकल पड़ा। शाम सात बजे वह के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास पहुंचा। तभी अचानक एंबुलेंस में आग लग गई।