राठ। मझगवां थाने के गोहानी मौजा में आग ने जमकर तबाही मचाई। खेतों में लगी आग से 24 बीघा गन्ने की फसल सहित 35 क्विंटल गुड़, सिंचाई के पाइप इंजन आदि जल गए। गन्ना पिराई के दौरान किसी भट्टी से निकली चिंगारी से आग लगना बताया जा रहा है।
गोहानी गांव में अधिकांश किसान गन्ने की खेती करते हैं। इस समय गन्ने की पिराई कर गुड़ बनाने का काम चल रहा है। सोमवार दोपहर गुड़ बनाते वक्त किसी भट्टी से निकली चिंगारी से गांव के जयसिंह के खेत में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप लेते हुए अगल बगल के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब चार घंटे के कठिन प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। जयसिंह ने बताया कि आग से डेढ़ बीघा गन्ने की फसल व सात सिंचाई के पाइप जल गए हैं।
रामकुमार की डेढ़ बीघा, रामेश्वर की तीन बीघा गन्ने की फसल, 35 क्विंटल गुड़, पंपिंग सेट आदि सामान जल गया। इसी प्रकार महेंद्र, तुलसीदास, सुमन व मलखान की तीन-तीन बीघा गन्ने की फसल, वृषभान की तीन बीघा फसल इंजन आदि सामान जल गया। वहीं प्रेमरानी के डेढ़ बीघा खेत का गेहूं भी जल गया है।
पांच किसानों की आठ बीघा फसल जली
मौदहा। क्षेत्र में अलग अलग आग की दो घटनाओं में पांच किसानों की करीब आठ बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। आग बिजली के तारों से निकली चिंगारी से लगना बताया जा रहा है। आग से प्रभावित पांचोें किसानों का करीब चार लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।
सोमवार की दोपहर क्षेत्र के ग्राम टिकरी के निकट गेहूं की खड़ी फसल में बिजली के तारों में हुई शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिससे टिकरी निवासी श्यामलाल, कल्लू पाल, प्यारेलाल की गेहूं की खड़ी फसल जलकर खाक हो गईं। ग्रामीण जब तक आग बुझाने का प्रयास करते सबकुछ जलकर खाक हो चुका था। दमकल कर्मी आग बुझ जाने के बाद पहुंचे। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी थी।
लेखपाल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने घटना स्थल पर पहुंच कर आग से हुए नुकसान का आंकलन किया है। किसान श्यामलाल ने बताया कि आग ने उन्हें तबाह कर दिया है। अब उनके आगे खाने की समस्या खड़ी हो गई है। किसान प्यारेलाल ने बताया कि आग से उनकी और उनके भाई की फसल तबाह हुई है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार पांडेय और समाजसेवी इंद्रजीत नन्ना ने मौके पर पहुंच कर किसानों को सांत्वना और आर्थिक मदद की है। उधर उरदना गांव में धर्मपाल की ढाई बीघे से अधिक खेत में खड़ी गेहूं की फसल जल गई जबकि उनके पड़ोसी कृषक नेमपाल की भी कुछ फसल आग से जली है। आग लगने का कारण खेत के ऊपर से निकली नलकूप की जर्जर बिजली की लाइन के तारों से शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।
आग से 16 बीघे फसल जली
भरुआ सुमेरपुर। गर्मी की शुरुआत होते ही आग ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को क्षेत्र के अलग-अलग तीन स्थानों पर आग की घटनाओं में करीब 15 बीघे के गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई।
कस्बे के पॉलिटेक्निक के आगे रामकुमार के खेत में दोपहर में अचानक आग भड़क उठी। इस आग में करीब चार बीघे की गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड टीम ने आग पर काबू पाया। इसी तरह नारायनपुर गांव में इलायची होटल के पीछे जीत यादव के खेत में आग लग गई। इसमें भी चार बीघे की गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। फायर बिग्रेड के चालक शैलेंद्र सिंह व यादुवेंद्र सिंह ने बताया कि इन दोनों स्थानों पर लगी आग पर काबू पा लिया गया है।
उधर पचखुरा बुजुर्ग में भूरा भुर्जी के खेत को गांव निवासी गोला प्रजापति ने बटाई ले रखा है। मंगलवार को दोपहर बाद उसके खेत में आग लग गई जिससे चार बीघे की फसल जलकर खाक हो गई। इसी तरह पत्यौरा गांव में अर्जुन पुत्र कल्लू वर्मा के खेत मे सोमवार की शाम को आग लग गई। घटना में चार बीघे की फसल जलकर खाक हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मौदहा में आग से जली गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : HAMIRPUR
राठ के गोहानी गांव में आग से जलती गन्ने की फसल व गुड़- फोटो : HAMIRPUR