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ह्दयविदारक: सार्जेंट के घर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 10 वर्षीय बेटा जिंदा जला, डाउन सिंड्रोम से पीड़ित था

Thu, 04 Apr 2024 11:12 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: दिल को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। एयरफोर्स स्टेशन के आवासीय परिसर स्थित सार्जेंट के कमरे में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दस वर्षीय बेटा जिंदा जल गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में एयरफोर्स स्टेशन के आवासीय परिसर स्थित सार्जेंट के कमरे में गुरुवार तड़के शार्ट सर्किट से लग गई। कमरे में अकेले सो रहे सार्जेंट के दस वर्षीय बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई। वह डाउन सिंड्रोम नामक बीमारी से पीड़ित था। इससे पीड़ित मरीज बोलने और चलने-फिरने में असमर्थ रहता है। घटना के समय सार्जेंट, पत्नी और छोटे बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मूलरूप से उत्तराखंड के जिला पौड़ी गढ़वाल पोस्ट मगनपुर के थाना हल्दुखाता के मगनपुर गांव निवासी प्रमोद कुकशाल एयरफोर्स में सार्जेंट हैं। प्रमोद के अनुसार वह वर्ष 2018 से पत्नी, बड़े बेटे दस वर्षीय आरुष कुकशाल और छोटे बेटे साढ़े तीन वर्षीय आदित्य के साथ एयरफोर्स के आवासीय परिसर में मकान नंबर 87 नायर इंक्लेव में रह रहे हैं।

प्रमोद ने बताया कि बुधवार की रात को वे पत्नी और छोटे बेटे के साथ कमरे में सो रहे थे। उनका बड़ा बेटा आरुष बगल के कमरे में सो रहा था। गुरुवार तड़के अचानक शॉर्ट सर्किट से कमरे में आ लग गई। प्रमोद ने बताया कि उनके बेटे को डाउन सिंड्रोम नामक बीमारी थी। बोलने और चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वह न तो शोर मचा सका और नहीं ही बाहर निकल सका।

धुआं भरने पर आंख खुली। शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया और आग बुझाकर देखा तो बेटे ने बिस्तर में ही दम तोड़ दिया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और शव को पोस्टरमार्टम के लिए भेजा।
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आनुवांशिक रोग है डाउन सिंड्रोम
भारतीय बालरोग अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनुराग भारती ने बताया कि डाउन सिंड्रोम आनुवांशिक रोग है। इसके संवाहक माता और पिता दोनों हो सकते हैं। इस रोग में क्रोमोसोम की संख्या 46 की जगह 47 होती है। इसका दुष्प्रभाव बच्चे में आता है। डाउन सिंड्रोम के बच्चे को प्रमुख समस्या मानसिक कमजोरी की होती है। इसके अलावा हृदय रोग, कैंसर आदि जल्दी हो जाते हैं। डाउन सिंड्रोम के 50 फीसदी बच्चों को हृदय रोग, 50 फीसदी को थायरॉयड की दिक्कत होती है। इसके अलावा अन्य दिक्कतें होती हैं। अतिरिक्त स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने पर उनका तुरंत इलाज कराना चाहिए। इससे बच्चे की सेहत ठीक रहती है।
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