बैठक की अध्यक्षता करते सांसद, मौजूद विधायक , डीएम व अन्य अधिकारी।
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उन्नावः विकास भवन सभागार में आयोजित जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में खासी गहमागहमी रही। पुरवा विधायक ने सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन देने के लिए एक बिजली कर्मचारी को फोन करने पर खर्चा-पानी मांगने का मुद्दा उठाया। इसे डीएम ने गंभीरता से लिया। पूछने पर बिजली विभाग के अधिकारी गोलमोल जवाब देने लगे।
इस पर जिलाधिकारी ने एक्सईएन को फटकार लगाते हुए संबंधित कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। उन्होंने कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज न कराने पर खुद कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। बैठक में सिंचाई विभाग, पीएमजीएसवाई, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे।
शनिवार को करीब एक घंटे की देरी से दिशा की बैठक सांसद हरि साक्षी महाराज की अध्यक्षता में शुरू हुई। पुरवा विधायक अनिल सिंह ने सौभाग्य योजना में रिश्वतखोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि एक ग्रामीण को कनेक्शन देने के लिए क्षेत्रीय बिजली कर्मचारी को उन्होंने फोन किया तो उसने खर्चा-पानी मांगा। इस पर डीएम रवि कुमार एनजी ने एक्सईएन आरके कृष्णानी से जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारी के भाग जाने की बाबत बताया। इस पर गुस्से में आए डीएम गुस्से ने एक्सईएन को फटकार दिया।
डीएम ने संबंधित कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। मोहान विधायक बृजेश रावत ने जेई के फोन न उठाने की शिकायत की। इसके अलावा कई जनप्रतिनिधियों ने मीटर लगाने समेत अन्य सेवाओं के लिए बिजली कर्मचारियों के अवैध वसूली करने का मामला उठाया। डीएम ने सभी शिकायतों पर जांच के आदेश दिए हैं।