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Kanpur News: लखनऊ में एफआईआर, शहर कचहरी में हलचल

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कानपुर। फर्जी डिग्री मामले में लखनऊ के थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एक बार फिर कचहरी में फर्जी डिग्रीधारी वकीलों को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पिछले साल कानपुर में भी अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू और आशीष शुक्ला की फर्जी डिग्री को लेकर हल्ला मचा था। दोनों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ। पिछले दिनों किदवईनगर में पकड़े गए फर्जी डिग्री बनाने वाले गैंग के सदस्यों ने भी एलएलबी की कुछ फर्जी डिग्रियां बांटने की बात कबूली थी। वकालत के पेशे में फर्जी डिग्रीधारी लोगों के शामिल होने से अधिवक्ताओं में भी आक्रोश है।
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बसपा नेता पिंटू सेंगर की हत्या के बाद पिंटू के भाई धर्मेंद्र सिंह ने दीनू उपाध्याय और बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने आशीष शुक्ला की डिग्री को फर्जी बताते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दीनू पर आरोप था कि बीए तृतीय श्रेणी में पास होने के बावजूद गलत तरीके से 45 प्रतिशत से अधिक नंबर दिखाकर एलएलबी में प्रवेश लेकर एलएलबी की डिग्री हासिल की। वहीं, आशीष पर आरोप है कि इंटर फेल होने के बावजूद इंटर की फर्जी डिग्री बनाकर स्नातक और एलएलबी की डिग्री हासिल कर ली।

दोनों मुकदमों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। फर्जी डिग्री मामले में दीनू को कोर्ट से जमानत मिल गई थी और आशीष शुक्ला को अग्रिम जमानत मिल गई थी। फिर भी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में अभियोजन ने आशीष की अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज करा दी थी। इसके बाद आशीष को पुलिस ने नैनीताल से गिफ्तार कर जेल भेज दिया था। कई दिनों तक जेल में रहने के बाद आखिर आशीष की रिहाई हो सकी थी। दीनू को भी बाद में दूसरे मुकदमों में जेल जाना पड़ा। अब तक वह जेल में ही बंद है।
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हाईकोर्ट की सख्ती और यूपी बार काउंसिल की शिकायत पर लखनऊ में फर्जी डिग्री वाले वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला फिर तूल पकड़ गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ सालों में फर्जी डिग्रीधारी वकीलों की कचहरी में आवाजाही बढ़ी है। इस पर सख्ती होनी चाहिए। सही जांच हुई तो कई और मामले खुल सकते हैं।



फर्जी मार्कशीट के आधार पर वकालत किसी भी तरह से मान्य नहीं होगी। कुछ महीने पहले पुलिस ने सात-आठ वकीलों की एक सूची भेजी थी लेकिन उनमें से कोई भी अधिवक्ता के रूप में बार एसोसिएशन में पंजीकृत नहीं था। बार अपनी तरफ से भी अपील करेगा कि अगर किसी को किसी फर्जी डिग्रीधारी के वकालत करने की जानकारी हो तो वह बार एसोसिएशन को सूचना दे।
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- बिनय कुमार मिश्रा, महामंत्री-बार एसोसिएशन
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